शहर की घनी आबादी वाले मोहल्ला बिलाल नगर में तेंदुआ की मौजूदगी सवाल खड़े करती रही लेकिन पुलिस ने मामले को सीधे तौर पर तस्करी ही माना है। तेंदुए के जाने के साथ पुलिस इसकी जांच और खुलासे में भी जुट गई है। पुलिस के निशाने पर सबसे पहले गृह स्वामी है जिसको हिरासत में लेकर जल्द पूछताछ की जाएगी।
मंगलवार को शहर में तेंदुए ने हड़कंप मचा दिया। तेंदुए के आने के साथ ही पुलिस को तस्करी की आहट मिली है। जिस कमरे में तेंदुआ था, वह पूरी तरह से खाली मिला जबकि गृह स्वामी उसी कमरे में परिवार के साथ रहने की बात कह रहा था। नेशनल हाईवे से करीब दो किलो मीटर और बंबा हाईवे से करीब एक डेढ़ किलो मीटर अंदर गलियों में बसे बिलाल नगर छपरिया में एक प्लाट में बने दो कमरों में से एक कमरे में वसीम पुत्र शमशाद अपनी पत्नी शबाना और बेटी अलीशा और आशिया के साथ निवास करता है, जबकि दूसरे कमरे में वसीम की बहन रजिया अपने पति और तीन बच्चों के साथ निवास करती है। वसीम की माने तो उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके गई थी। वह बहन के कमरे के बाहर पड़े टिनशेड के नीचे चारपाई पर सो रहा था और बहन अपने बच्चों और पति के साथ कमरे में सो रही थी। सुबह अजान होने पर वह जागकर कमरे में कपड़े रखने के लिए गया तो एक जानवर दिखाई दिया। कुत्ता समझकर उसको भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह खड़ा हुआ तो उसका आकार देखकर वह डर गया और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर ताला लगा दिया। सीओ सिटी राजेश चौधरी ने भी वसीम से बात की, लेकिन उसकी बात से वह संतुष्ट नहीं थे। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि मामला तस्करी से जुड़ा होना पाया जा रहा है। गृह स्वामी से पूछताछ करने के लिए हिरासत में लिया जाएगा।
रात भर रहती है क्षेत्र में जगार
क्षेत्रीय लोगों की माने तो बिलाल नगर क्षेत्र में रात भर जगार रहती है, बंबा बाईपास से जो रास्ता वसीम के घर को जाता है, उस रास्ते पर तमाम लोग रोड पर चारपाई डालकर सोते हैं। जबकि हाईवे से आने वाले रास्ते पर कई कारखाने होने के कारण चहल पहल भी रहती है।
टीम को लेकर अधिकारियों के बीच हुई झड़प
कमरे में बंद तेंदुआ को पकड़ने के लिए लेट हो रही टीम और बढ़ती भीड़ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का पसीना छुड़ा रही थी। ऐसे में वन विभाग के एसडीओ विनोद शंकर शुक्ला से नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने टीम के बारे में पूछा तो उनका कोई संतोषजनक जवाब न होने पर दोनों अधिकारियों के बीच तड़का भड़की हो गई।
कार्रवाई की सुन दहशत में था परिवार
सुबह के समय वसीम लोगों को घटना की जानकारी देर रहा था, अधिकारियों के पहुंचने और पूछताछ करने के बाद भीड़ के बीच उठते सवालों ने वसीम और उसके परिवार को शांत कर दिया था। वसीम को इस बात का बार बार डर सता रहा था कि कहीं पुलिस उसे हिरासत में न ले ले, क्योंकि वसीम की बात से पुलिस अधिकारी संतुष्ट नहीं थे।