थाना टूंडला क्षेत्र के गांव जरौली कला निवासी सपेरे वसीम को सांप ने हाथ में काट लिया था। वसीम ने सांप को पकड़कर एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर लिया और इलाज के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचा। जब उसे इमरजेंसी बेड पर लेटाया गया, तो उसने डिब्बे का ढक्कन खोल दिया। ढक्कन खुलते ही सांप तेजी से बाहर निकला और अस्पताल के वार्डों की तरफ भाग गया, जिससे पूरा परिसर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने करीब चार घंटे तक ट्रॉमा सेंटर के बेडों के नीचे, कोनों और वार्डों में गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सांप का कोई सुराग नहीं लग सका। काफी देर तक सांप न मिलने से अस्पताल में लगातार भय का माहौल बना रहा। इस घटना के बाद सरकारी अस्पताल परिसर के भीतर इस तरह जहरीला जीव लाने और उसे खुले में छोड़ने के संबंध में सपेरे के खिलाफ अस्पताल के सुरक्षा कर्मी ने तहरीर दी है। इधर, सपेरा भी इस घटना के बाद ट्रामा सेंटर से भाग गया। देर रात तक तलाश के बाद भी सांप नहीं मिला।
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