सेवायोजक और एक श्रमिक संगठन के बीच हुई समझौता वार्ता के खिलाफ दूसरे गुट के श्रमिकों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होेंने सड़क पर जगह-जगह हंगामा, नारेबाजी कर तोड़े लदे ठेल में तोड़फोड़ की। हड़ताल को लेकर दोनों श्रमिक संगठन आमने-सामने आ गए। एक गुट ने समझौता कर लिया तो दूसरा गुट विरोध कर रहा है।
सुहागनगरी में चूड़ी जुड़ाई श्रमिक संगठनों के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को देर रात तक चली वार्ता में सेवायोजक और चूड़ी जुड़ाई मजदूर संघर्ष कमेटी के मंत्री सोमेश गोस्वामी के बीच समझौता हो गया था। इसकी जानकारी पूर्व सभासद और श्रमिक नेता रामदास मानव के गुट के श्रमिकाें को हुई तो उनमें आक्रोश हो गया। श्रमिकों ने सुबह हुंडावाला बाग में चूड़ी गोदामों को घेराव कर हंगामा, नारेबाजी की। उनका कहना था कि हमें समझौता मंजूर नहीं है। सेवायोजक निर्धारित मजदूरी व मिट्टी का तेल नहीं दे रहे हैं। इसके उपरांत भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा।
भगवान नगर में रामदास मानव और श्रमिक नेताओं ने सैकड़ों श्रमिकों के बीच सभा की। इसमें समझौते का विरोध करते हुए नारेबाजी की गई। इसके उपरांत श्रमिक जुलूस में रूप शहर की सड़कों पर उतरे। स्टेशन रोड पर श्रमिकों ने जाम लगाकर हंगामा, नारेबाजी की। करबला की गलियों में घूम कर घर-घर में जबरन काम बंद कराया। करबला पुलिया पर सोमेश गोस्वामी के पुतले का दहन किया गया। इसके बाद गोस्वामी के कबीर नगर स्थित आवास पर भी पहुंचकर हंगामा, नारेबाजी की। इससे भयभीत होकर श्रमिक नेता के परिजन ऊपर छतों पर चढ़ गए। सोमेश गोस्वामी का कहना है कि रामदास मानव गुट के श्रमिक ही पूरे शहर में हंगामा, नारेबाजी, तोड़फोड़ कर रहे हैं। मेरे आवास पर भी हंगामा, नारेबाजी की गई। घटना से परिजन भयभीत हैं। स्टेशन पर चूड़ियों से भरे टेंपो को रोक कर तोड़ों की तोड़फोड़ की। इसके बाद वे गांधीपार्क पहुंचे। यहां किड्स कार्नर स्कूल के पास चूड़ियों से भरे ठेले को पलट दिया। आगरा गेट स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने से गुजर रहे तीन-चार ठेलों को पलट कर तोड़फोड़ शुरू कर दी। आसफाबाद, कोटला रोड, बौद्धनगर सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की सूचना मिली। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों को खदेड़ा, तभी मामला शांत हो सका।
कारखानों में पसरा सन्नाटा, उत्पादन हुआ ठप
चूड़ी जुड़ाई मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के चलते बुधवार को शहर के कई कारखानों में उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया। श्रमिकों के प्रदर्शन से कारखाने में मौजूद स्टाफ सहमा रहा। वहीं, दिन-रात चूड़ी जुड़ाई करने के बाद गोदामाें पर ठेलों पर रखकर ले जा रहे तोड़े फूटने से गरीबों के मुंह से आह निकली। उनका कहना था कि तोड़े को तोड़ने की भरपाई कैसे होगी।
एक श्रमिक संगठन ने श्रमिकों को गुमराह कर चूड़ी उद्योग में गतिरोध पैदा किया जा रहा है, जबकि वह संगठन रजिस्टर्ड भी नहीं है। संगठन द्वारा कोई मांग पत्र भी हमें नहीं दिया गया है। अफसर भी ऐसे संगठन को बढ़ावा दे रहे हैं। जिला व पुलिस प्रशासन को गतिरोध दूर करने को ठोस प्रयास करने चाहिए।
हनुमान प्रसाद गर्ग, डायरेक्टर-दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट
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चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों द्वारा शहर में हंगामा, तोड़फोड़ करने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जिस संगठन द्वारा हंगामा प्रदर्शन किया गया है, वह रजिस्टर्ड यूनियन के सदस्य भी नहीं है। इस तरह संलिप्तता पाई जाती है तो जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नदीम अहमद, सहायक श्रमायुक्त