सिरसागंज तहसील में होमगार्ड की गोली लगने से मौत
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गुरुवार रात को तहसील में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड की गोली लगने से मौत हो गई। शव के ऊपर ही सरकारी राइफल पड़ी हुई थी। होमगार्ड की हत्या की सूचना पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मृतक के परिवारीजनों का कहना है कि बदमाशों ने हत्या की है, लेकिन पुलिस ने मामले को इत्तफाकिया में दर्ज किया है।
मृतक होमगार्ड सत्यप्रकाश जाटव गांव खेरिया मुसाहद निवासी रामदास के पुत्र थे। गुरुवार रात वह अपने साथी होमगार्ड अनेक सिंह निवासी शेखूपुर के साथ सिरसागंज तहसील में ड्यूटी कर रहे थे। उनके साथ चौकीदार वीरेश्वर भी मौजूद था। रात करीब तीन बजे तहसील परिसर में हुई फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से निकल आए। परिसर में जाकर देखा तो सत्यप्रकाश मृत अवस्था में पड़े थे। साथी होमगार्ड और चौकीदार का कहना है कि घटना के वक्त तहसील के पीछे स्थित मोहल्ले में फायरिंग हो रही थी। उस समय तो वह कमरे में थे, कुछ देर बाद सत्यप्रकाश बाहर देखकर आने की बात कह कर गया था, बाद में उसका शव मिला। सूचना पर थाना सिरसागंज पुलिस के अलावा एएसपी देहात अमर सिंह, सीओ सिरसागंज व एसडीएम सिरसागंज भी पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने चौकीदार और होमगार्ड से घटना की जानकारी की। मृतक के भाई देवजीत ने घटना के संबंध में तहरीर दी है।
बदमाशों के हल्ले पर आए दिन होती है फायरिंग
तहसील के पीछे अरांव रोड है। लोगों का कहना है कि वहां आए दिन बदमाश आते रहते हैं, क्षेत्र में पशु लुटेरों के गिरोह भी सक्रिय है। इसके चलते ग्रामीण खुद सतर्क रहते हैं। गुरुवार की रात भी फायरिंग की आवाज सुनकर लोग घरों की छतों पर चढ़ गए और फायरिंग की। करीब आधा घंटा तक फायरिंग होती रही।
सरकारी राइफल से हुए थे तीन फायर
सत्यप्रकाश की सरकारी राइफल से तीन फायर हुए थे। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के दो खोखा बरामद किए हैं। एक खोखा राइफल के चैंबर में फंसा था। एएसपी देहात अमर सिंह ने कहा कि सत्यप्रकाश के साथ मौजूद होमगार्ड और चौकीदार से पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।