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सिरसागंज को मिल सकता तहसील का दर्जा

Mon, 09 Mar 2015 10:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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 जिले में सिरसागंज को नई तहसील का दर्जा जल्द मिल सकता है। राजस्व परिषद अध्यक्ष के निर्देश के बाद जिला प्रशासन इसकी कवायद में जुट गया। नई तहसील के गठन से जिले की तीन तहसीलें प्रभावित होंगी। सर्वाधिक मार जसराना तहसील पर पड़ेगी। प्रशासन के सूत्रों की माने तो मंगलवार की शाम तक जिले से प्रस्ताव बनकर शासन को भेजा जाएगा।
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लोकसभा एवं विधानसभा का परिसीमन होने के साथ ही जिले में विधानसभाओं की संख्या पांच हो गई थी। इसके बाद से ही सिरसागंज को तहसील का दर्जा देने की मांग शुरू हो गई थी। अब शासन स्तर से नई तहसील का दर्जा देने की कवायद शुरू हुई है। प्रशासन के सूत्रों की मानें तो राजस्व परिषद की ओर से गोपनीय ढंग से इसका प्रस्ताव मांगा है। शिकोहाबाद तहसील के 215 गांवों को अलग करके सिरसागंज को नई तहसील का दर्जा दे दिया जाएगा। शिकोहाबाद तहसील में इसके बाद 73 गांव शेष रहेंगे। जसराना तहसील के मैनपुरी रोड से सटे करीब 80 गांवों को शिकोहाबाद तहसील में शामिल किया जाएगा। वहीं सदर तहसील के मटसेना, दतावली सहित एक अन्य न्याय पंचायत के करीब 16 गांव शिकोहाबाद में शामिल होंगे। इनको मिलाकर कुल 169 गांव शिकोहाबाद क्षेत्र में रहेंगे। जसराना तहसील के फीरोजाबाद शहर से सटे कुछ गांवों को सदर तहसील का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके बाद जसराना तहसील में 180 गांव रहेंगे। सदर तहसील में 163 गांव शेष रहेंगे। जिले की टूंडला तहसील क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा।

परिसीमन के बाद संभावित स्थिति
तहसील का नाम      राजस्व गांव
फीरोजाबाद            163
शिकोहाबाद            169
सिरसागंज              215
जसराना                180
टूंडला                   98

अधिवक्ताओं ने किया हड़ताल का ऐलान
जसराना। जसराना तहसील के गांवों को दूसरी तहसील में शामिल करने की भनक लगते ही अधिवक्ताओं में विरोध के स्वर तेज हो गए। अधिवक्ताओं ने बैठक कर 18 मार्च तक पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री से भेंट करके पूरी स्थिति रखेंगे। तहसील के नक्शे से छेड़छाड़ हुई तो 1989 जैसा आंदोलन होगा।
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जसराना के बार हॉल में एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमकार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने कहा कि जिले में सिरसागंज को नई तहसील बनाने की शासन की योजना है। जिसमें तहसील के एक सैकड़ा गांव शिकोहाबाद एवं दूसरी तहसीलों में मिलाने की चर्चा है। नीलकमल यादव एडवोकेट ने कहा अगर तहसील क्षेत्र से गांवों को अलग किया तो तहसील का भौगोलिक, राजनीतिक एवं न्यायिक नक्शा बदलेगा। अजब सिंह यादव ने कहा मनमाने तरीके से गांवों को काटा और दूसरी तहसीलों से जोड़ा तो ईंट से ईंट बजाई जाएगी। यह जनता बैनामा लेखकों, अधिवक्ताओं एवं स्टांप बैंडरों के साथ अन्याय है। अधिवक्ता मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री, सांसद, विधायक, ब्लाक प्रमुख से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। नंदकिशोर भारतीय, बलबीर सिंह, ब्रजकिशोर उपाध्याय, कृपाल सिंह यादव, रघुवीर सिंह यादव, सत्यपाल सिंह, रमेश चंद्र, पवन कुमार, योगेंद्र प्रकाश वर्मा आदि अधिवक्तागण मौजूद थे।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा था कि जब सिरसागंज अलग विधानसभा है तो तहसील भी अलग होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शासन ने जिला प्रशासन से सिरसागंज तहसील के लिए प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव आने पर पता चलेगा कौन-कौन से गांव इसमें शामिल होंगे और इसका रूप क्या होगा।
हरिओम यादव, सिरसागंज विधायक

प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सदर तहसील की मटसेना, दतावली एवं सेंगई न्याय पंचायत के 16 गांवों को शिकोहाबाद तहसील में शामिल किया जाएगा। जसराना तहसील की खैरगढ़ एवं बिल्टीगढ़ न्याय पंचायत के 13 गांव सदर तहसील में शामिल करने की तैयारी है।
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सिरसागंज को नई तहसील का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव शासन की ओर से मांगा गया था। इसका प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया है।
विजय किरन आनंद, डीएम फीरोजाबाद।
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