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सिरसागंज हादसे को शक की नजरों से देख रही पुलिस

Fri, 10 Jul 2015 11:28 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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हाईवे पर हादसे को पुलिस शक भरी निगाहों से देख रही है। हादसे में सारा की मौत और अमन मणि त्रिपाठी को चोट न लगना किसी के गले से नहीं उतर रहा है। पुलिस मामले की कई पहलुओं की जांच कर रही है। हादसे में सारा की मौत के बाद कई अनसुलझे सवालों का जवाब तलाशने के लिए फारेंसिक टीम शुक्रवार को दुर्घटना स्थल पर पहुंची। टीम ने कार के दो पहियों को जांच के लिए कब्जे में लिया। वहीं सड़क पर टायरों के निशान से प्रिंट भी उठाए।
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बता दें कि गुरुवार को लखनऊ से दिल्ली जाते समय पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के पुत्र अमन मणि त्रिपाठी की कार सिरसागंज के पास गुंजन चौराहे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में उनकी पत्नी सारा त्रिपाठी की मौत हो गई थी। हादसे में अमन को खरोंच तक नही आई थी। अपहरण समेत अन्य मामलों में वांछित अमन मणि त्रिपाठी को पुलिस ने गृह सचिव के निर्देश पर गिरफ्तार कर लिया और लखनऊ से वारंट मंगाकर गौतम पल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।  शुक्रवार को आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से फारेंसिक टीम के प्रभारी राघवेंद्र सिंह यादव सिरसागंज पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अमन मणि ने कल बताया था कि हादसे में उनकी कार खंदी में तीन बार पलटी लेकिन उसका क्षतिग्रस्त न होना अमन के बयान पर सवाल खड़ा करता रहा।  उधर, सारा का शव कार से बाहर क्यों आया? अमनमणि को चोट क्यों नहीं पहुंची? जबकि सारा की मौत का कारण सीने और कनपटी के पास चोट का लगना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले में एसपी ग्रामीण संजय कुमार ने कहा कि अमनमणि को चोट न लगने का कारण फारेंसिक टीम के प्रभारी से पूछा गया था, लेकन वह भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। हादसे की जांच दो बिंदुओं पर की जा रही है। पहला बिंदु हादसा तो दूसरा बिंदु हत्या को माना जा रहा है। जांच में सारा की हत्या की पुष्टि होती है तो कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में हादसे की कहानी
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां आबादी नहीं थी। ऐसे में बालिका रोड पर कहां से आई। कार खंदी में पलटी तो अमनमणि कैसे बच गया। कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त भी नहीं हुई, इससे स्पष्ट है कि सारा की मौत कार में दबकर हुई। अमन का कहना था कि सारा की ओर का शीश खुला था। ऐसे में वह कार से बाहर गिर गई। कार में एसी चल रहा था तो शीशा खुले होने का मतलब क्या था? जिस स्थान से कार खंदी में  गिरी, उसकी गहराई भी अधिक नहीं थी। सारा के सिर में चोट नहीं थी। उसकी  कनपटी और सीने में चोट लगी थी।
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हाईप्रोफाइल मामले में नियम कानून ताक पर
हादसे में सारा की मौत के बाद जनपद पुलिस ने नियम कानून ताक पर रख दिए। 2:35 पर अमन मणि सारा का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो 4:20 पर पुलिस पीएम के कागज अस्पताल में दाखिल करा दिए। दो घंटे के अंदर ही कागजी प्रकिया पूरी कर दी गई। जबकि पुलिस ने अमनमणि त्रिपाठी की तहरीर पर मुकदमा शव का पीएम होने के बाद लिखा, जो नियमानुसार गलत है। कानूनी तौर पर शव का पीएम एफआईआर कापी पीएम के कागजों के संलग्न हो, तब होता है।

फोर्स के साथ लखनऊ भेजा गया था अमनमणि
सिरसागंज (ब्यूरो) गिरफ्तारी के बाद अमनमणि को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में लखनऊ भेजा गया। मामला हाईप्रोफाइल होने के बाद भी पुलिस ने अमन को हवालात में बंद न करते हुए सीसीटीएनएस कक्ष में बैठाया। हादसे के बारे में सारा की मां ने अमन से बात की थी। रात दस बजे सारा की मां लखनऊ के लिए रवाना हुई तो पौने बारह बजे करीब एसआई आबेद अली खान और थानाध्यक्ष नगला खंगर पुलिस बल के साथ अमन मणि को लखनऊ लेकर रवाना हुए।

फोरेंसिक टीम ने किए लोगों के बयान दर्ज
सिरसागंज (ब्यूरो)। सारा की मौत के बाद शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंची फोरेेंसिक टीम के अधिकारी राघवेंद्र सिंह यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर चश्मदीदों के बयान दर्ज किए। जानकारी देते हुए जिलेदार सिंह ने बताया कि गाड़ी का संतुलन बिगड़ा था और वह करीब पांच फीट गहरी खाई में गिरी थी। गाड़ी का एक गेट खुला था, उसमें से सारा का आधा शव खिड़की से बाहर लटका था। अमन भी अचेत था। दोनों को कार से बाहर निकाला गया और कुछ देर में अमन को होश आ गया, लेकिन सारा बेहोश रही। मौके पर खड़े भारत विकास परिषद के एक अधिकारी ने सारा और अमन को अपनी गाड़ी में बैठाया और सिरसागंज के एक निजी अस्पताल ले गए। यहां से उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया।
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