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जिले में आलू की बंपर पैदावार के संकेत

Wed, 15 Feb 2017 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद।
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जिले में आलू की बंपर पैदावार के संकेत - फोटो : अमर उजाला
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 जिले में आलू की बंपर पैदावार होने के संकेत मिल रहे हैं। जिले में करीब 22 लाख टन आलू उत्पादन की संभावना है। आलू उत्पादक किसानों की सुविधा के मद्देनजर उद्यान विभाग मुस्तैद हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने कोल्ड स्टोरेज संचालकों से अभी से बुकिंग करने के निर्देश दिए हैं। बुकिंग भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होनी चाहिए।
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जिले में 68 हजार हेक्टेयर में बोई आलू की फसल तैयार हो चुकी है। अब किसान खोदाई कर आलू को अब सीधे कोल्ड स्टोरेज में पहुंचाएंगे। उद्यान विभाग के अफसरों की मानें तो रबी की फसल के लिए मौसम अनुकूल था। यही कारण रहा कि आलू का उत्पादन बढ़ने होने की उम्मीद है। आलू अधिक होने के कारण जिले में आलू भंडारण की दिक्कत होगी। इस कारण उद्यान विभाग ने जिले के सभी कोल्ड संचालकों को कोल्ड के बाहर आलू रखने की दरों को लिखने के साथ नियमावली को अंकित कराने के आदेश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने कहा कोल्ड स्टोरेज संचालकों को अच्छी पैदावार होने के कारण निर्देश दिए गए हैं। सभी निर्देशों को अंकित करा दें। बुकिंग अभी से शुरू कर दें और टोकन जारी करें। आलू भंडारण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा यदि लापरवाही की गई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खास बाते....
-जिले में 68 हजार हेक्टेयर में बोया गया आलू।
-आलू भंडारण के लिए 153 कोल्ड स्टोरेज हैं स्थापित।
-कोल्ड स्टोरेज में 17 लाख टन आलू रखने की क्षमता।
-डेढ़ लाख किसान सीधे आलू उत्पादन से जुड़े हुए हैं।

नोटबंदी के कारण फेंकना पड़ा पुराना आलू
नवंबर माह में नोटबंदी के कारण किसान बिक्री करने के लिए आलू को बाहर नहीं ले जा सका। यही कारण रहा कि 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला आलू बाजार में दो रुपये की दर से बिका। नया आलू आने के कारण बाजार में पुराने आलू की मांग खत्म हो गई। नोटबंदी के कारण किसान आलू फेंकने पर मजबूर हो गया। वहीं किराया अधिक होने के कारण किसानों ने कोल्ड की ओर रुख नहीं किया।
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