शहर के फुटपाथ खाली कराने को शनिवार को निगम की जेसीबी गरजी। अभियान के चलते सेंट्रल चौराहा, घंटाघर, इमाबाड़ा से नालबंद तक के दुकानदार दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए। दुकानों से बाहर रखा सामान निगम के कर्मचारियों से जब्त कर लिया। अभियान के दौरान कई जगह अधिकारियों से दुकानदारों की नोकझोंक हुई।
सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह, एसडीएम सदर पंकज वर्मा के निर्देशन में पुलिस फोर्स के साथ नगर निगम के कर्मचारियों ने शनिवार दोपहर 12 बजे से सुभाष तिराहे से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत की। जेसीबी के गरजते ही दुकानदारों में खलबली मच गई। सुभाष तिराहे पर दुकानदारों द्वारा आगे निकाले गए फड़ को हटवाया गया। अभियान का कुछ दुकानदारों ने विरोध किया तो अधिकारियों की सख्ती देख वह बैकफुट पर आ गए। उनका कहना था कि अतिक्रमण हटवाने से पहले दुकानों के सामने जलभराव की समस्या का निदान कराया जाए। एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क घेर कर खड़ी कार का चालान कराया गया। गांधीपार्क चौराहे पर चाय की दुकान भट्ठी को तुड़वाया। बाग छिंगामल में दुकानदारों का सामान शटर से अंदर रखने की हिदायत दी। दो इलेक्ट्रानिक की दुकानों के आगे रखे वाशिंग मशीन व खाली डिब्बे उठाकर गाड़ी में डाल लिए। यहां दुकानदार व अफसरों में नोकझोंक हो गई। सेंट्रल चौराहे पर अफसरों का काफिला पहुंचने से पूर्व ही मार्केट बंद हो गया। सदर बाजार में जनरल स्टोर स्वामियों को फुटपाथ न घेरने की चेतावनी दी गई। घंटाघर पर भी बाजार बंद नजर आया। काफिला जब इमामबाड़ा चौराहे पर पहुंचा तो चूड़ी की कई दुकानों के फड़ आगे नजर आए, उन्हें सख्ती से हटवाया गया। इसके बाद करीम होटल पर काफिला पहुंचा। होटल स्वामी द्वारा नाले पर भट्ठी व काउंटर लगाया गया था जिसे हटवा दिया। बिस्मिल्ला होटल, पाकीज होटल की की भट्ठी को तोड़ा गया। होटल के आगे कई मकान तो नाले के ऊपर बने नजर आए। सिटी मजिस्ट्रेट ने इन्हें चिह्नित करने के निर्देश दिए। सुभाष तिराहे से नालबंद चौराहे तक करीब चार घंटे चले अभियान से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मची रही। 70 दुकानदारों के चालान काटे गए। इन सभी पर जुर्माना लगाया जाएगा। अभियान में सीओ सिटी राजेश चौधरी, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, एक्सईएन राजकुमार सहित भारी फोर्स मौजूद रहा।
यहां नगर निगम की नहीं थी जरूरत...
करीम होटल पर जब निगम का महाबली गरजा तो वहां सड़कों पर चारों तरफ भीड़ जमा हो गई। अफसरों के सख्त रुख के कारण जब दुकानदारों को राहत नहीं मिली तो वह निगम को कोसते नजर आए। दुकानदारों का कहना था कि यहां निगम की कोई जरूरत ही थीं। यहां नगर पालिका रहती तो अच्छा था। अब निगम बना है तो इसका खामियाजा तो भुगतना ही पड़ेगा।
छोटे दुकानदारों पर चला डंडा, बड़ों से फेरी नजरें
अतिक्रमण अभियान के दौरान अफसरों का डंडा छोटे दुकानदारों पर तो चला, परंतु सुभाष तिराहे, गांधीपार्क, आगरा गेट, सेंट्रल टाकीज, गंज बाजार से घंटाघर तक कई ऐसे बड़े कामर्शियल कांप्लेक्स, हास्पिटल, चिकित्सकों के क्लीनिक, बैंक पर अतिक्रमण देखने के बाद भी अफसरों ने नजरें फेर लीं। जबकि पूरे बाजार में अतिक्रमण बढ़ाने में यही सबसे आगे हैं।
भीड़ में गायब हुए मोबाइल, पर्स
इमामबाड़ा चौराहे से नालबंद चौराहे तक अभियान के दौरान भारी संख्या में भीड़ सड़कों पर जमा हो गई। भीड़ को हटाने को कई बार पुलिस कर्मियों को डंडे तक फटकारने पड़े। इसी भीड़ में अफसरों व राहगीरों के मोबाइल व पर्स गायब हो गए। नगर निगम के एक अवर अभियंता का आई फोन चोरी हो गया। वहीं कई लोगों के पर्स गायब हो गए।