सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने की मांग
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केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए सातवें वेतन आयोग में भारी विसंगतियों होने के विरोध में रेलकर्मियों में खासा आक्रोश है। सभी रेलवे यूनियन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में संशोधन की मांग कर रही है। साथ ही 11 जुलाई को रेल का चक्का जाम करने की घोषणा की गई है।
इसी क्रम में बुधवार को नार्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेठली की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों और रेल कर्मचारियों ने वित्त मंत्री के विरोध में जमकर नारेबाजी कर सातवें वेतन आयोग में संशोधन की मांग की। यात्रा लोको पायलट लॉबी से चलकर प्लेटफॉर्म नंबर एक से पांच तक निकाली गई। प्रतीकात्मक शव यात्रा का समापन यूनियन कार्यालय पर समाप्त हुई। यहां अरुण जेठली के पुतले को दहन किया गया। शाखा मंत्री राकेश कुमार और बलराम ने कहा कि कर्मचारियों का अहित किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 11 जुलाई को रेल का चक्का जाम किया जाएगा। चाहे इसके लिए उन्हें जेल क्यों न जाना पड़े। केन्द्र सरकार कर्मचारियों को गुमराह करके खुश करना चाहती है। जबकि कर्मचारियों के हित के लिए यूनियन किसी भी हद तक जा सकती है। इस दौरान जय किशन अजवानी, कैलाश चंद्र, सतीश कुमार, सरदार सिंह, विनोद यादव, संजीव यादव, दिनेश कुमार, मीना देवी, लीलावती, एके कनौजिया, आशीष कुमार, विनोद कुमार गौड, देवेन्द्र कुमार, एके कर्दम आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।