शिकोहाबाद। थाना क्षेत्र के गांव जसलई में बृहस्पतिवार को सेप्टिक टैंक के निर्माण के दौरान हादसा हो गया। टैंक की नवनिर्मित दीवार अचानक मिट्टी की ढाय के साथ गिर गई, जिसके नीचे राजमिस्त्री और मजदूर दब गए। गंभीर हालत में दोनों को संयुक्त चिकित्सालय से आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान राजमिस्त्री ने दम तोड़ दिया।
थाना क्षेत्र के बैजुआ खास रामनगर निवासी राजमिस्त्री विनोद कुमार (52) मजदूर रामबृज (54) निवासी समोगर आजमाबाद, थाना अरांव के साथ जसलई निवासी आकाश कुमार के मकान में सेप्टिक टैंक का निर्माण कर रहे थे। दोनों ने टैंक की दीवार खड़ी कर दी थी लेकिन ऊंचाई अधिक होने के कारण अचानक दीवार भरभराकर नीचे गिर पड़ी। इसके साथ ही ऊपर से मिट्टी की ढाय भी दोनों पर आई और दोनों मलबे में दब गए। आनन-फानन में ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निाकाला।
एंबुलेंस के इंतजार में आधा घंटा तड़पते रहे घायल
हादसे के बाद परिजन आनन-फानन दोनों घायलों को शिकोहाबाद के संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों को आगरा रेफर कर दिया। आरोप है कि आगरा ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस को बार-बार फोन किया गया लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। करीब आधे घंटे तक इमरजेंसी में तड़पने के बाद परिजन को मजबूरी में प्राइवेट एंबुलेंस से घायलों को आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा, जहां उपचार के दौरान विनोद कुमार की मौत हो गई।
सात बच्चों के पिता थे विनोद
राजमिस्त्री विनोद कुमार के परिवार में सात बच्चे, विशाल, दुर्गेश, ओमकार, रितिक, शिवम, राजेश, रश्मि और रानी हैं। इनमें से रानी की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। कमाऊ मुखिया की मौत की खबर मिलते ही पत्नी निर्मला देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।