संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कांच निर्यातकों के लिए अमेरिका से एक और बुरी खबर आई है। टैरिफ में कटौती के बाद राहत महसूस कर रहे कारोबारियों की मुश्किलें अब सैंपलिंग के नए नियमों ने बढ़ा दी हैं। अमेरिका ने अब कांच और हस्तशिल्प आइटमों के सैंपल भेजने पर लगने वाली फ्री ट्रेड पर्ची की व्यवस्था पर रोक लगा दी है। अब निर्यातकों को सैंपल भेजने के एवज में वहां ट्रेड टैक्स का भुगतान करना होगा।
अब तक के नियमों के अनुसार, अमेरिका में 800 डॉलर तक की कीमत का माल या सैंपल बिना किसी सीमा शुल्क के भेजा जा सकता था। निर्यातक फ्री ट्रेड की पर्ची लगाकर आसानी से सैंपल भेज देते थे। लेकिन अब अमेरिका ने इस छूट को खत्म कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत औसतन 7000 रुपये से अधिक कीमत वाले कांच आइटमों के सैंपल पर भी हस्तशिल्पियों को ट्रेड टैक्स देना होगा।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन छोटे निर्यातकों और हस्तशिल्पियों पर पड़ेगा जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपना माल अमेरिका भेजते हैं।
ऑनलाइन बिक्री से पहले सैंपल पास कराना अनिवार्य होता है, जिसमें अक्सर कई बार बदलाव करने पड़ते हैं। अब हर बार टैक्स देने से लागत कई गुना बढ़ जाएगी। टैक्स के बोझ के कारण फिरोजाबाद का कांच उत्पाद अमेरिकी बाजार में अन्य देशों के मुकाबले महंगा हो सकता है।