फिरोजाबाद। भाजपा के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के नाम की घोषणा रविवार या फिर सोमवार को होने की पूरी संभावना है। नामांकन करने वाले दावेदार अपने-अपने पैरवीकर्ताओं के जरिए जुगाड़ लगा रहे हैं। पहले ब्राह्मण और वैश्य वर्ग को लेकर मंथन चला, लेकिन तीन दिन पहले लखनऊ की बैठक में प्रमुख दावेदारों के नाम पर हर किसी ने फीडबैक रिपोर्ट खराब मिलने की बात कहकर कैंची चली दी। जबकि आरएसएस से जुड़े कोरी समाज से जुड़े पहले संघ व वर्तमान में पार्टी के महज छोटे से कार्यकर्ता भीष्म पाल के नाम पर चर्चा की गई। वह वर्तमान में सभी कद्दावर नेताओं को मात देते दिख रहे हैं। हालांकि पार्टी किसे दायित्व सौंपती हैं, यह नाम सामने आने पर ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।
भाजपा महानगर अध्यक्ष के लिए 71 लोगों ने नामांकन किया था। चुनाव अधिकारी प्रांशु दत्त द्विवेदी ने नांमाकन पत्रों को जांच के बाद प्रदेश मुख्यालय भेज दिया। इन नामों पर प्रदेश चुनाव अधिकारी महेंद्र नाथ पांडेय अंतिम निर्णय करेंगे। जिले के पदाधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही नए जिला व महानगर अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी। पहले 15 जनवरी तक नामों की घोषणा होनी थी, लेकिन अब यह तिथि 20 जनवरी कर दी गई है। प्रदेश के पदाधिकारी इस मामले में बातचीत कर अंतिम निर्णय लेंगे। बड़े नेताओं के यहां सभी दावेदार पैरवी करने में लगे हैं। जनप्रतिनिधियों की रायशुमारी के बाद जो नाम जिले से पैनल में भेजे गए उसमें ब्राह्मण चेहरे के रूप में सीए अवधेश पाठक, सुनील शर्मा, रामनरेश कटारा शामिल थे। जबकि वैश्य वर्ग में पूर्व महानगर अध्यक्ष कन्हैया लाल गुप्ता, डॉ. अमित गुप्ता, विवेक अग्रवाल, पंकज अग्रवाल रहे।
तीन दिन पहले लखनऊ में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों की बैठक में जिले से आवेदन करने वाले संघ पदाधिकारी से सबसे करीबी कोरी समाज से आने वाले भीष्म पाल माहौर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया है। बताते हैं कि उनके लिए जिले के भाजपा से जुड़े एक संगठन के पदाधिकारी से साथ ही संघ के व्यक्ति व प्रदेश संगठन के बड़े पदाधिकारी ने नाम ऊपर रखा है। झलकारी नगर में महज राशन की दुकान करने वाले संघ कार्यकर्ता भीष्म पाल का कहना है कि उन्होंने महानगर अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया है। पार्टी अगर दायित्व देगी तो यह मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि वह संघ के कन्नौज में प्रचारक 2001 तक रहे। इससे पहले मैनपुरी में 1996 से 99 तक नगर प्रचारक रहे।