सारा हत्याकांड में घटनास्थल और दुर्घटना के पूरे मामले पर पुन: आरंभ से जांच करने के लिये सीबीआई की टीम एक बार फिर से सिरसागंज में आ गयी है। मंगलवार की शाम छह बजे सीबीआई के आठ अधिकारियों की टीम सिरसागंज में पहुंची।
सिरसागंज में नेशनल हाईवे पर 9 जुलाई 2015 में गुंजन होटल के पास हुई कार दुर्घटना में सारा त्रिपाठी की मौत हो गयी थी। लेकिन साथ में चालक सीट पर बैठे सारा के पति अमनमणि त्रिपाठी के कोई चोट नहीं थी। सारा की मां की मांग पर प्रदेश सरकार द्वारा मामले की सीबीआई जांच के आदेश कर दिये गये थे। उसके बाद से सीबीआई टीम ने चार बार सिरसागंज में आकर घटनास्थल की जांच के साथ साथ दुर्घटनाग्रस्त कार की पडताल की थी। सीबीआई टीम के साथ दो बार मौके पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ और आगरा की टीम भी मौके से गाडी के पहियों के सैंपल और घटनास्थल के चप्पे चप्पे की फोटो ग्राफ अपने सबूतों में जोड चुकी है।
सीबीआई टीम के अधिकारियों ने पहले जनपद मुख्यालय में आमद करायी और उसके बाद पुलिस अधीक्षक से मुलाकात भी की। जिसके बाद पुलिस अधिकारी सीबीआई टीम को लेकर सिरसागंज के एक होटल पर पहुंचे। इसी होटल में टीम के ठहरने की व्यवस्था की है।
सारा हत्याकांड के मामले में सीबीआई टीम एक बार घटना की वास्तविक स्थिति बना कर देख चुकी है जिसमें पुलिस ने उसी तरह की स्विफ्ट कार में एक कपडे के पुतले को रख कर गाडी को उसी गति से दौडाया था और उसी खंदी तक लाने का प्रयास किया था। अब एक बार फिर से सीबीआई टीम ने सिरसागंज पुलिस ने एक कार की बात रखी है जिसमें कयास ये लगाए जा रहे हैं कि सीबीआई की टीम एक बार फिर से दुर्घटनास्थल पर डैमो कर सकती है।
बदला हुआ घटनास्थल होगा चुनौती
यदि सीबीआई टीम दुर्घटना का डेमो करके आंकडे जुटाने का प्रयास करती है तो घटनास्थल का बदला हुआ स्वरूप सीबीआई टीम के द्वारा पहले जुटाऐ हुए साक्ष्यों में फर्क पैदा कर सकता है। क्योंकि पहले नेशनल हाईवे के किनारे की खंदी गहरी थी और अभी हाईवे पर चल रहे सिक्सलैन के काम ने इस खंदी को गहरा कर दिया है।