फिरोजाबाद। अखिल भारतीय सोह्म महामंडल के सात दिवसीय 42वें संत सम्मेलन का शुभारंभ महामंडल अध्यक्ष स्वामी सत्यानंद महाराज के सानिध्य में मंगलवार केा किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ संरक्षक स्वामी विवेकानंद महाराज के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि संत सम्मेलन सनातन धर्म की धुरी है और गीता मानव जीवन का आधार है।
जैन नगर स्थित सोह्म आश्रम पर आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत ही शुभ है। गीता जयंती पर संत सम्मेलन का आगाज हो रहा है। यह अपने आप में प्रेरणा दायक है। उन्होंने कहा कि गीता से हम दूर होते जा रहे है। हालांकि श्रीमद्भागवत गीता का प्रभाव लोगों में होना चहिए। स्कूलों में भी श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान की आवश्यकता है। गीता ही मनुष्य के जीवन का आधार है। उसके मूलभूत सिद्धांतों पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी अवनति की ओर नहीं जाता है।
सत्संग की महिमा पर महाराज श्री ने कहा कि सत्य, असत्य, धर्म, अधर्म का बोध होने पर ही सत्संग साकार होता है। इस दौरान श्रद्धालुओं से कोविड-19 से सुरक्षा के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करने का आह्वान किया गया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी प्रज्ञानंद, स्वामी अनंतानंद, स्वामी नारायणानंद, स्वामी प्रणवानंद ने भी विचार व्यक्त किए। हरवंश शर्मा, चंद्रप्रकाश शर्मा, द्विजेंद्र मोहन शर्मा, दिनेश लहरी, प्रवीन अग्रवाल, उमांकात पचौरी, शिवनरायन यादव, सम्मन सिंह, राजेश गुप्ता, संजय गोपाल बिहारी, महेंद्र सिंह छोटे, सुरेश शर्मा, जगदीश यादव, अनुग्रह गोपाल अग्रवाल, विनोद गुप्ता, मातादीन यादव, लल्ला चौधरी, रामेश्वर यादव आदि मौजूद रहे।