फिरोजाबाद में दो माह काम करने के बाद तीन हजार रुपये मानदेय मिलने से एक सफाईकर्मी जलकल के गेट पर धरना देकर बैठ गया। इस दौरान उसके तीन बच्चे भी मौजूद रहे। मुख्य द्वार पर बैठने से कूड़ा वाहनों के पहिए करीब एक घंटे तक वर्कशॉप में ही थमे रहे। हालांकि, बाद में सफाई कर्मचारी संगठन के समझाने के बाद वह वहां से उठा गया।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे एक ठेका सफाईकर्मी गौरव कुमार अपने तीन बच्चों के साथ निगम के जलकल विभग के गेट पर धरना देकर बैठ गया। सफाईकर्मी ने बताया कि उसने जनवरी और फरवरी दो महीने काम किया, लेकिन उसे कुल तीन हजार रुपये ही दिए गए हैं।
साथ ही उसने सफाईकर्मी सुपरवाइजर योगेश सरन पर 20 हजार रुपये सुविधा शुल्क लेने का आरोप भी लगाया है। आरोप है कि सुविधा शुल्क नहीं देने के कारण ड्यूटी करने के बाद भी उसकी गैर हाजिरी लगा दी गई। इस कारण उसके मानदेय में कटौती हुई है।
हालांकि, सफाईकर्मी संगठन पदाधिकारियों के समझाने के बाद उसने धरना समाप्त कर दिया। वहीं, सफाईकर्मी सुपरवाइजर योगेश सरन ने कहा कि कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर ड्यूटी नहीं कर रहा है। इस कारण उसका मानदेय कटा है। सुविधा शुल्क का आरोप भी गलत है।
नगर निगम के जेडएसओ संदीप भार्गव ने बताया कि पता किया जाएगा कि ठेकाकर्मी किन कारणों से बच्चों संग धरने पर बैठा। अगर किसी ने कर्मचारी से सुविधा शुल्क मांगा है। तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।