फिरोजाबाद। हजरत ख्वाजा सूफी सैय्यद अबरार हसन शाह हसनी रहमतउल्ला अलैह के 42वें सालाना उर्स के आखिरी दिन रविवार को संदल का जुलूस निकाला गया। जुलूस का शुभारंभ इमामबाड़ा स्थित सूफी अबरार हसन शाह के आस्ताने से हुआ। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए दरगाह शरीफ पर पहुंचकर समाप्त हुआ। अंतिम दिन दूरदराज से आए कव्वालों ने कलाम पेश किए।
कटरा पठानान स्थित दरगाह पर आयोजित चार दिवसीय उर्स के आखिरी दिन रविवार को इमामबाड़ा स्थित सूफी अबरार हसन शाह के आस्ताने से संदल का जुलूस निकाला गया। जुलूस रविवार सुबह नौ बजे इमामबाड़ा से शुरू होकर शीशग्रान, झम्मैया टोला होते हुए नालबंद चौराहे पर पहुंचा। चौराहे से होकर नाले की पुलिया, इमामबाड़ा चौराहा,छोटा चौराहा, घंटाघर, सदर बाजार होकर सिनेमा चौराहे से होते हुए कटरा पठानान स्थित दरगाह पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
चार दिवसीय उर्स के दौरान दरगाह अबरारिया में हिंदुस्तान के मशहूर कव्वालों ने शिरकत की। इनमें कव्वाल सगीर बिसलपुरी, आफताब लियाकती, रामपुर अजीज, ताज, मासूम, रामपुर के अनवर साबरी, अनस चिश्ती शामिल रहे। कार्यक्रम में कानपुर से खुल्फा हजरात सूफी मुहम्मद इजहार हसन शाह अबरारी, सूफी इकबाल हसन, नफीस हसन, सूफी मुहम्मद हुसैन, मोईन हसन,सूफी अखलाक साहब, सूफी कदीर अलीगढ़, सूफी फरहान संभल, सूपी मोहनलाल गया बिहार, अशोक कुमार गुप्ता टाटा, हिकमत उल्ला खां, मिर्जा खालिद बेग आदि शामिल रहे। दरगाह के सज्जादनशीन हजरत ख्वाजा जमील नासिर अबरारी ने चाक चौबंद व्यवस्थाओं के लिए पुलिस व प्रशासन के साथ नगर निगम का आभार जताया।