फिरोजाबाद। सख्ती के बाद भी खाद्य पदार्थों में मिलावट रुकने का नाम नहीं ले रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने सितंबर और अक्तूबर माह में खाद्य पदार्थों के लिए नमूनों में दूध, अरहर की दाल और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई है। खाद्य विभाग ने नमूने जांच को भेजा है।
जाफाराबाद मक्खनपुर निवासी हरेंद्र कुमार से संग्रहित किया दूध का नमूना प्रयोगशाला में असुरक्षित पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक दूध में डिटर्जेंट एवं अन्य वसा की मिलावट होने की पुष्टी स्वास्थ्य विभाग ने की है। गांधी नगर चौराहा स्थित नितिन जैन की मिठाई की दुकान से चॉकलेट बर्फी का नमूना लिया। चॉकलेट बर्फी में ऑरामाइन रंग मिलाया गया, जो वर्जित है। चांदी के वर्क के नाम पर एल्यूमीनियम वर्क की पुष्टी की गई है। मक्खनपुर में खाद्य कारोबारकर्ता सत्यप्रकाश से लिया दूध का नमूना भी असुरक्षित घोषित हुआ है।
दूध में ग्लूूकोज और फैट से तैयार किए जाने की पुष्टी हुई है। लक्ष्मी स्वीट के स्वामी सुनील कुमार से लिया मिल्क केक के नमूने की गुणवत्ता संदेह नहीं पाई गई। किचिन स्टोर सिरसागंज से लिए गगन ब्रांड के बूरा का नमूना फेल कर दिया है, क्योंकि पैकिंग पर अपूर्ण जानकारी अंकित थी। रामनिवास की दुकान से संकलित किया मावा की मिठाई का नमूना भी गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया।
विक्रेता हेतेंद्र सिंह से लिया मिश्रित दूध और विक्रेता अनिल कुमार से लिया मिल्क केक का नमूना भी असुरक्षित पाया गया है। ग्राम अरांव तिवरिया में खाद्य कारोबारी सुखवीर से लिया अरहर की दाल का नमूना भी घोषित किया गया है। नमूने फेल होने पर विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
साथ ही जुर्माना भी वसूला जाएगा। शिकायत मिलने पर छापेमारी करके नमूने भी संकलित किए जा रहे हैं।
डा. सुधीर कुमार, जिला अभिहित अधिकारी