फिरोजाबाद। जैन तीर्थस्थल सम्मेद शिखर को पर्यटक क्षेत्र घोषित किए जाने के फैसले का रविवार को सुहागनगरी में फिर विरोध हुआ। पर्यटन क्षेत्र के बजाय सम्मेद शिखर को तीर्थ क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में जैन समाज के लोग फिर सड़कों पर उतर आए। समाज के लोगों ने जैनाचार्य सौभाग्य सागर, जैनाचार्य सुरत्न सागर महाराज के नेतृत्व में जुलूस भी निकाला। इस जुलूस में सम्मेद शिखर हमारा है, हमें प्राणों से प्यारा है, झारखंड सरकार होश में आओ के नारे भी गूंजे।
जैन तीर्थ सम्मेद शिखर बचाओ आंदोलन के तहत जुलूस रविवार को अट्टावाला दिगंबर जैन मंदिर से शुरुआत किया गया। जुलूस सदर बाजार, सेंट्रल चौराहा, छिंगामल का बाग, कंपनी बाग चौराहा और बस स्टैंड होते हुए महावीर जिनालय सुभाष तिराहे पर समापन हुआ। जनसमूह के साथ आचार्य सौभाग्य सागर, आचार्य आदित्य सागर,आचार्य सुरत्न सागर एवं मुनिश्री सूतीर्थ सागर के साथ अनेकों मुनि भी चल रहे थे। जैनाचार्य सौभाग्य सागर महाराज ने कहा कि पूरे देश में हमारे सबसे बड़े और पवित्र तीर्थ को बचाने के लिए आंदोलन किए जा रहे हैं। झारखंड सरकार ने जैनों के सबसे बड़े और पवित्र तीर्थ को पर्यटक स्थल घोषित कर दिया है। इससे वहां अनेकों अमान्य गतिविधियां होने लगी हैं। जैन समाज की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिट्रेट को दिया गया। इस दौरान अरुण जैन, सतेंद्र जैन, नीतेश जैन, संजीव जैन, राहुल जैन, राजेंद्र जैन, मनोज जैन, राज जैन, शैलेंद्र, आदिश जैन, दीपक जैन आदि उपस्थित रहे।
जुलूस में महिला, बच्चे भी शामिल
विरोध दर्ज कराने के लिए समाज के बच्चे, महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुई। बच्चे व महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे थे। इसमें झारखंड सरकार के फैलसे का विरोध जता रहे थे। रविवार को अवकाश का दिन था तो इनकी बड़ी संख्या रही।
यह संस्थाएं भी जुलूस में हुई शामिल जुलूस में भारतीय जैन मंच, श्री दिगंबर जैन मित्र मंडल, बाहुबली संघ, दिगंबर जैन वीर मण्डल, जैन युवा संघर्ष समिति, तरुण क्रांति मंच, जैन यूथ क्लब, जैन जाग्रति मंच, दिगंबर जैन महिला मंडल, अर्हम ग्रुप, महावीर संगठन, मुनि सेवा संघ, श्री पद्मावती पुरवाल दिगंबर जैन महासमिति, सन्मति सेवा समिति, लवेंचू बाल सेवा समिति, पल्लीवाल महासंघ के साथ नगर की सभी जैन संस्थाओं ने जैन ध्वज के साथ पैदल मार्च किया।