साधन सहकारी समितियों पर खाद एवं बीज लेने पहुंच रहे किसयानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। यूपी एग्रो के केंद्रों को छोड़कर किसी भी समिति पर खाद और बीज का वितरण नहीं किया जा रहा है। खाद बीज वितरण न होने के पीछे 1000 और 500 के नोट को लेकर आरबीआई का निर्देश न आने की बात कही जा रही है।
खाद एवं बीज खरीदने में हो रही मुश्किल को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने 500 के पुराने और 1000 का नोट लेने के आदेश जारी कर दिए। इस आदेश के बाद किसान मंगलवार को सुबह सहकारी समितियों पर खाद एवं बीज लेने के लिए पहुंचे। साधन सहकारी समिति चनौरा के सचिव रवीश कुमार ने कहा कि सुबह से काफी संख्या में किसान यूरिया व डीएपी लेने आए थे। समिति को अभी आदेश नहीं मिला है कि पुराने 500 और 1000 के नोट लेने हैं इस कारण खाद आदि का वितरण नहीं किया गया। किसान भोली, विजय कुमार निवासी नगला अमान, जयकिशन निवासी कपावली, सत्यदेव निवासी नगला पान सहाय, ओमकांत आदि को बैरंग लौटना पड़ा। सचिव भी समिति के गोदाम को बंद करके घर को लौट गए।
दीदामई समिति पर तैनात सचिव रामदयाल भारती ने कहा सिर्फ नए नोट लाने वालों को खाद एवं बीज दिया। जसराना की पारौली एवं जसराना समिति पर भी किसानों को खाद एवं बीज नहीं मिला। सरकारी बीज गोदाम पर 500 के पुराने नोट पर सिर्फ बीज ही दिया जा रहा था।
कई समितियों के सचिव यह जानने जिला मुख्यालय भी गए शायद वहां कोई नोट संबंधी आदेश आ गया हो। कृषि विभाग के ब्लाक पर स्थित बीज केंद्रों पर किसानों ने पुराने नोट देकर बीज की खरीददारी की।
यूपी एग्रो के केंद्रों पर मिला खाद एवं बीज
फीरोजाबाद (ब्यूरो)।
यूपी स्टेट एग्रो के खाद- बीज केंद्रों पर किसानों से पुराना 500 व हजार के नोट लेकर खाद एवं बीज दिया गया। कोटला रोड मंडी समिति के करीब खुले केंद्र पर किसानों की मंगलवार को भीड़ लगी दिखाई दी। केंद्र प्रभारी बच्चू सिंह ने कहा कि किसानों को आधार कार्ड, बैंक की पासबुक की दो फोटो प्रति एवं किसान बही की फोटो स्टेट लेकर हम खाद एवं बीज दे रहे हैं। उन्होंने 500 एवं हजार के नोट एकत्रित किए। इसके कारण यहां किसानों की भीड़ तो शाम तक लगी रही। टूंडला, शिकोहाबाद एवं नारखी क्षेत्र में भी एग्रो के केंद्र संचालित हैं।
केवल 500 के नोट पर मिलेगा बीज
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने कहा कि सरकारी बीज खरीद केंद्रों पर किसान पांच सौ के पुराने नोट को देकर बीज प्राप्त कर सकते हैं। केंद्रों पर बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यह आदेश सिर्फ 500 के नोट के लिए है। एक हजार की कोई लिखित आदेश ही नहीं आया है।