टूंडला। एक देश एक कानून एक संविधान न्यायिक संगठन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को 11 सूत्री मांगों को लेकर शहर में जन आक्रोश रैली निकाली। इसके साथ ही तहसील परिसर में टेंट लगाकर धरना दिया। साथ ही रामायण का पाठ शुरू कर दिया। रैली व धरने में अयोध्या से आए साधु और संतों के साथ हिंदूवादी संगठनों ने सनातन आयोग का गठन, मठ-मंदिरों से सरकारी नियंत्रण हटाने एवं गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग की।संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदनदास महाराज के नेतृत्व में बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे स्टेट बैंक जंक्शन शाखा पर संगठन के पदाधिकारी, साधु एवं हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी एकत्रित हुए। जहां से उन्होंने 11 सूत्री मांगों को लेकर जन आक्रोश रैली निकाली। रैली मुख्य बाजार, सुभाष चौराहे होते हुए तहसील पहुंचकर धरने में तब्दील हो गई। अयोध्या पीठाधीश्वर महंत बाल मुकंदाचार्य महाराज ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बंटवारे के बावजूद मुस्लिमों का इस्लामिक देश पाकिस्तान बन गया, लेकिन हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र नहीं बन सका। हिंदुओं को उनके हकों से वंचित कर अन्य धर्माें को बढ़ावा दिया गया। आज उसी का नतीजा है कि हमारे ही देश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां एक देश होने के बावजूद अनेक कानून हैं। उन्होंने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता लागू होना चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदनदास महाराज ने कहा कि उनकी मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। आक्रोश रैली व धरने में आनंदपाल सिंह तोमर, चंदनदास महाराज, ठाकुर मयंक सिंह बैस, रवि चौहान, धरवेंद्र प्रताप सिंह, सुरजीत सिसोदिया,अंजना कुलकर्णी, पूजा, भावना, नारायण दास, स्वामी योगेश्वर, लालता पंडित, आदित्य दास, दर्शन दास, सीताराम,योगेश कुमार, सेवक बाबा, अशोक फौजी, अवदेश फौजी, कैलाश वर्मा, शीलू सिकरवार आदि उपस्थित रहे।
जब तक धरना चलेगा, रामायण पाठ होता रहेगा
तहसील परिसर में धरना दे रहे साधु-संतों ने धरना स्थल पवित्र करते हुए वहां टेंट लगवाते हुए संगठन के पदाधिकारियों के संग रामायण का पाठ शुरू कर दिया है। इस दौरान अयोध्या पीठाधीश्वर महंत बाल मुकंदाचार्य महाराज ने कहा कि धरनास्थल पर जब तक धरना चलेगा, तब तक राम का नाम इसी तरह चलता रहेगा। धरने में विविध स्थानों के साधूसंत भी शिरकत करेंगे।
संगठन के पदाधिकारी साधु-संतों व अन्य संगठन के पदाधिकारियों के साथ रैली निकालकर धरने पर बैठ गए हैं। अभी तक किसी भी पदाधिकारी ने कोई ज्ञापन नहीं दिया है। उनकी मांगों का ज्ञापन मिलने पर शासन को भेजा जाएगा।
डॉ. गजेंद्रपाल सिंह, एसडीएम