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सदर तहसील में वकीलों का कामकाज ठप 

Thu, 03 Nov 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला
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सर्किल दरों में बढ़ोतरी पर अधिवक्ताओं का विरोध-प्रदर्शन बैनामा लेखक एवं स्टांप विक्रेता हुए शामिल, दूसरे तहसीलों से मांगा सहयोग  - फोटो : अमर उजाला
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सर्किल दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ वकीलों ने बुधवार को काम बंद कर हड़ताल की। प्रदर्शन कर उप निबंधक कार्यालय को बंद कराया। विरोध के चलते बैनामा कार्य प्रभावित रहे। वकीलों ने संशोधित सूची लागू नहीं होने तक कलमबंद हड़ताल रखने की चेतवानी दी है। 
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सदर तहसील में अधिवक्ताओं, स्टांप विक्रेताओं व बैनामा लेखक की संयुक्त बैठक मुनेश पाल सिंंह, रामवीर सिंंह की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। बढ़ी सर्किल दरों के संबंध में अधिवक्ताओं ने कहा कि डीएम फीरोजाबाद मुख्य सचिव के आदेश को अनदेखा करके सूची पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। वहीं, अन्य अधिकारियों ने सूची पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक संशोधित सूची लागू नहीं होगी तब तक सभी अधिवक्ता, सहयोगी कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे। अधिवक्ताओं ने प्रशासन की हठधर्मी के विरोध में बुधवार को प्रांगण में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इस दौरान उप निबंधक कार्यालय के साथ न्यायालय बंद करा दिए। अधिवक्ताओं ने जिले की अन्य तहसीलों के अध्यक्षों से कहा है कि वह अग्रिम तिथि तक सभी न्यायालयों एवं उप निबंधक कार्यालयों का बहिष्कार करके कलमबंद हड़ताल में सहयोग करें। 
बैठक में ओमवीर सिंह सोलंकी, चरन सिंह यादव, अशोक शर्मा, नरेंद्रपाल सिंह, श्याम सिंह यादव, ब्रजमोहन, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, हरिबाबू यादव, अवधेश यादव, अतिवीर सिंह यादव, विजय प्रकाश यादव, राजेंद्र बघेल, ग्रीश राजौरिया, श्रीलाल, गजेंद्र सिंह बौद्ध, एमएम शाहनावाज, प्रमोद बघेल, शिवमोहन शर्मा, ब्रजमोहन चक्रवर्ती, निरंजन सिंह निषाद आदि रहे। संचालन राकेश कुमार वर्मा ने किया।
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अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन 
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। राष्ट्रीय किसान नौजवान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह यादव ने सर्किल दरों में इजाफा करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं केंद्र की सरकार किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों पर चल रही है। जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने सर्किल दरों को बढ़ाने के संबंध में वकीलों के आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि किसान एवं गरीबों को तो बैनामा कराना काफी मुश्किल होगा। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को अभी तक बजट सरकार नहीं दे सकी है।
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