टूंडला। रेलवे स्टेशन टूंडला के प्लेटफार्म नंबर सात पर बुधवार रात सिविल ड्रेस में पहुंची आरपीएफ टीम ने एक खानपान स्टॉल के मैनेजर से स्टॉल और वेंडरों के कागजात मांगे। कागजात दिखाने से इनकार करने पर टीम और मैनेजर के बीच जमकर तकरार हुई। आरोप है कि विवाद के बाद आरपीएफ के जवान एक वेंडर का मेडिकल कार्ड छीनकर ले गए, जिस पर मैनेजर ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
बुधवार रात प्लेटफार्म संख्या सात पर पीएस केटरिंग सर्विस के स्टॉल पर चार-पांच सिविल ड्रेसधारी लोग पहुंचे और खुद को आरपीएफ टीम बताकर स्टॉल के संचालन और कार्यरत वेंडरों के कागजात की मांग की। स्टॉल मैनेजर सत्यवीर ने बिना वर्दी और बिना कॉमर्शियल अधिकारी के आई टीम को कागजात दिखाने से साफ इनकार कर दिया। मैनेजर का कहना था कि उनके पास सभी वेंडरों के वैध कागजात और मेडिकल कार्ड मौजूद हैं, लेकिन वह उन्हें केवल वर्दीधारी टीम को ही दिखाएंगे जो कॉमर्शियल अधिकारी के साथ आई हो।
आरपीएफ टीम का आरोप था कि स्टॉल पर नियमानुसार केवल दो वेंडर रहने चाहिए, लेकिन वहां चार वेंडर कार्यरत थे, जो कि अवैध थे। हालांकि, मैनेजर ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास सभी के कागजात हैं। विवाद बढ़ने के बाद सिविल ड्रेस में आए जवान एक वेंडर का मेडिकल कार्ड लेकर चले गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। मामले आरपीएफ के कंपनी कमांडर अवधेश गोस्वामी ने बताया कि खानपान की स्टॉलों की जांच के लिए उनके स्तर से कोई टीम गठित नहीं की गई। उन्होंने आशंका जताई कि यह प्रयागराज या किसी बाहर की टीम हो सकती है।