मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक। स्रोत: विभाग
- फोटो : मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक। स्रोत: विभाग
फिरोजाबाद। जिले में बदलते मौसम और बढ़ी उमस का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सबसे ज्यादा बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों और रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
रविवार को जिले के 67 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले आयोजित किए गए। इन मेलों में कुल 1,940 मरीजों ने उपचार कराया।
चिकित्सकों के अनुसार वायरल बुखार से पीड़ित कई बच्चों में बुखार पांच से सात दिन में जाकर उतर रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। बच्चों के साथ बुजुर्ग भी सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से परेशान होकर उपचार के लिए पहुंचे।
इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल रहे। मरीजों की जांच के बाद चिकित्सकों ने आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं और बदलते मौसम में खानपान, साफ-सफाई तथा पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी।
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि उमस और तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने से वे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खांसी-जुकाम के साथ तेज बुखार के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। कई मरीजों में बुखार एक सप्ताह तक बना रह रहा है।
आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का निरीक्षण एसीएमओ डॉ. पवन वर्मा ने किया। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का समय पर उपचार किया जाए। साथ ही लोगों को बदलते मौसम में सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए भी जागरूक किया जाए।