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Firozabad News: कालाबाजारी को जा रहा चावल मंडी सचिव ने पकड़ा

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शिकोहाबाद। जनपद में राशन के सरकारी चावल की काला बाजारी धड़ल्ले से हो रही है। रविवार सुबह चार बजे के करीब सहायक मंडी सचिव ने प्रतापपुर चौराहे के समीप एक मैनपुरी की कैंटर गाड़ी को सिरसागंज क्षेत्र में पकड़ा। चालक ने बताया कि गाड़ी में राशन का सरकारी चावल है। इसके बाद उसे कब्जे में लेकर मंडी समिति आए। यहां पर नायब तहसीलदार और खाद्य पूर्ति निरीक्षक पहुंच गए। गाड़ी में चावल राशन का होने के कारण खाद्य पूर्ति निरीक्षक ने उसे एक राशन डीलर के सुपुर्द कर दिया, जबकि कैंटर को पुलिस के हवाले कर दिया। रविवार सुबह मैनपुरी के नंबर की एक कैंटर पर संदेह होने पर सहायक मंडी सचिव योगेश कुमार यादव को प्रतापपुर चौराहे के समीप कैंटर को रुकवाना चाहा, लेकिन चालक ने उसकी रफ्तार बढ़ा दी। संदेह यकीन में बदलने पर उन्होंने गाड़ी का पीछा किया और सिरसागंज क्षेत्र में जाकर उसे रोक लिया। कैंटर के चालक से पूछा तो उसने राशन का चावल होने की बात कही। इसके बाद सहायक सचिव मंडी उसको लेकर मंडी आ गए। मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। सूचना पर नायब तहसीलदार अवनीश कुमार और खाद्य पूर्ति निरीक्षक राजवीर सिंह गौतम मंडी पहुंच गए। उन्होंने गाड़ी में भरे चावल की जांच की और सरकारी चावल होने पर उसे राशन डीलर के सुपुर्द कर दिया, जबकि खाली गाड़ी पुलिस को सौंप दी। चर्चा है कि यह चावल फिरोजाबाद के थाना दक्षिण के मोहल्ला हिमांयूपुर में रहने वाले एक राशन माफिया का है। उसके खिलाफ पहले से ही दो मुकदमा दर्ज है। विभाग की मेहरबानी से वह राशन का चावल दूसरे जिलों में बेचता है। इस संबंध में खाद्य पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने गाड़ी मालिक राहुल गुप्ता निवासी सोथरा बरनाहल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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- अधिकारियों को चकमा देकर गाड़ी चालक भागा































सहायक मंडी सचिव गाड़ी को चालक द्वारा चलवा कर मंडी लाए। यहां सूचना पर अधिकारी भी पहुंच गए। अधिकारी आपस में बातचीत में मशगूल रहे। इसका फायदा उठाते हुए कैंटर चालक भाग गया। इसके बाद उसने गाड़ी मालिक को फोन कर गाड़ी के पकड़े जाने की सूचना दी। इस पर गाड़ी मालिक स्कार्पियो से मंडी समिति में पहुंचा और उसने अधिकारियों से गाड़ी पकड़े जाने के बारे में जानकारी की। इसी दौरान गाड़ी चालक भी उसके साथ भाग गया। हालांकि चालक के चले जाने के बाद अधिकारियों ने इस पर कोई गंभीरता से विचार नहीं किया। अगर चालक पकड़ में आता तो चावल किसका था, कहां जा रहा था और कहां से खरीदा था। इस बारे में विस्तार से पता लगाया जा सकता था। लेकिन किसी अधिकारी ने इस पर कोई गौर नहीं किया।































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चर्चा थी कि कैंटर में 250 कट्टे चावल के हैं































जैसे ही सहायक मंडी सचिव ने सरकारी चावल से भरी कैंटर को पकड़ा तो इसकी सूचना नगर में आग की तरह फैल गई। लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। बताया जाता है कि गाड़ी में 250 कट्टे भरे हुए थे। लेकिन जब तक मीडिया मंडी में पहुंची तो गाड़ी में मात्र 69 कट्टे चावल बचा था। गाड़ी के पास चावल बिखरा भी पड़ा था, जिससे कयास लगाया गया कि कुछ कट्टे गाड़ी से दूसरे वाहन में लोड किये गये हो सकते हैं। लेकिन अधिकारी इस बात से इंकार करते रहे। खाद्य पूर्ति निरीक्षक राजीव कुमार गौतम ने बताया कि गाड़ी लेकर जब वह मंडी पहुंचे तो उसमें 69 कट्टे ही भरे हुए थे। उधर जैसे ही गाड़ी पकड़ी गई। उसे छुड़ाने के लिए नगर की एक भाजपा नेत्री और एक नमकीन भंडार के परिवार से संबंधित सक्रिय हो गईं। उन्होंने एसडीएम से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों और खाद्य पूर्ति निरीक्षक से लेकर प्रभारी निरीक्षक तक सिफारिशें की, लेकिन उनकी सिफारिश कोई काम नहीं आई। बाद में वह भी शांत बैठ गए।
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