रविवार से शहनाईयां गूंजेंगी। बैंडबाजे के साथ सड़कों पर बाराती निकलेंगे। रविवार को देवोत्थान एकादशी से विवाह-शादियों का धूमधड़ाका शुरू हो जाएगा। इसी दिन से अन्य मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
कार्तिक शुक्ल एकादशी 22 नवंबर रविवार को देवोत्थान एकादशी मनायी जाएगी। इस दिन भगवान चार माह बाद जग जाएंगे। इसी दिन से शादी-विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। देवोत्थान एकादशी पर तुलसी विवाह का विधान है। इस दिन घर-घर में महिलाएं तुलसी विवाह पूरे विधि-विधान से करती हैं। इसी दिन से शादी विवाह आदि मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। 21 नवंबर शनिवार को दोपहर 3.27 मिनट से एकादशी तिथि प्रारंभ हो रही है, जो अगले दिन रविवार को दोपहर एक बजकर सात मिनट तक है। उदयातिथि से रविवार को देवोत्थान एकादशी मनाया जाएगा।