बैंक प्रबंधक ने दिखाई समझदारी
ठग साढ़े चार लाख रुपये लेने की जिद पर अड़े थे। बाकी के ढाई लाख रुपये खाते से निकालने के लिए नरोत्तम सिंह बदहवास हाल में पंजाब एंड सिंध बैंक की टूंडला शाखा पहुंचे और जल्द रकम निकासी का प्रयास करने लगे। उनकी घबराहट देखकर बैंक प्रबंधक को शक हुआ। प्रबंधक ने जब पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई। उन्होंने तत्काल खाते से लेनदेन रुकवाया और परिवार से बात करने को कहा। जब जोधपुर में पुत्रवधू से बात हुई तो पता चला कि बेटा राहुल सुरक्षित है और ड्यूटी पर है। इसके बाद नरोत्तम ने राहत की सांस ली और खुद के साथ ठगी होने का अहसास हुआ। सीओ टूंडला अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पीड़ित की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। संभवत: पूर्व फौजी ने साइबर थाने में तहरीर दी होगी। अभी तक इसकी जानकारी मेरे पास नहीं आई है।
डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता, ऐसे बचें
डिप्टी एसपी साइबर सुरक्षा चंचल त्यागी ने बताया कि साइबर अपराधी इन दिनों पुलिस, सीबीआई या कस्टम अधिकारी बनकर लोगों को डरा रहे हैं जबकि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पूछताछ या गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती। अगर कोई अधिकारी कॉल पर सेटलमेंट या पैसे ट्रांसफर करने की बात करे तो समझ लें कि वह 100 फीसदी ठग है। अगर आपके किसी परिजन के बारे में ऐसी सूचना मिले तो घबराने के बजाय सीधे उस परिजन या उनके कार्यस्थल पर कॉल करके सच्चाई जानें। ठग आपको कैमरा बंद न करने की धमकी देते हैं। डरे नहीं, तुरंत कॉल काटें और नंबर ब्लॉक करें। यदि ठगी हो जाए तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
ये भी पढ़ें-
एक और पति का कत्ल: शराब पिलाई, फिर प्रेमी ने जहरीला स्प्रे सुंघाकर खेत में फेंकी लाश; पत्नी समेत तीन गिरफ्तार