रबी गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों को नई तकनीक की जानकारी दी। वहीं डीएम ने किसानों को नए-नए प्रयोग कर फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। कई किसानों ने अपनी समस्याएं बताई तो डीएम ने संबंधित विभाग के अफसरों को फटकार लगाई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि किसान खुशहाल होगा, तभी जिला प्रदेश एवं देश उन्नति करेगा।
निगम के पालीवाल ऑडिटोरियम प्रांगण में रबी गोष्ठी एवं किसान मेला का शुभारंभ डीएम विजय किरन आनंद ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि किसान वैज्ञानिकों के द्वारा बताई जा रही नई विधियों का प्रयोग करें। उन्होंने अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के दौरान किसानों की प्रत्येक समस्या को हल कराने की बात कही। इस दौरान जयकांत यादव इटाहरी ने शिकायत की कि करीब एक दर्जन गांवों में खारा पानी आ रहा है। पिल्खतर बंबे में पानी नहीं आने के कारण ही दिक्कत होती है। इस पर डीएम ने एक्सईएन सिंचाई को फटकार लगाई।
नीरेश सारस्वत निवासी रुधऊ नीलगायों के फसल बर्बादी, गढ़ी हंसराम निवासी राजेश प्रताप सिंह ने नारखी, पचोखरा वाया बछगांव मार्ग के खराब होने की शिकायत की। उमाकांत टूंडला ने बाजरा का बीज दिया लेकिन डीएपी उर्वरक अभी तक नहीं मिली। कैलाश पालीवाल चुल्हावली ने चना में दीमक लगने की शिकायत की। राम नरेश शिकोहाबाद ने कहा कि बकरी पालन योजना शुरू करने की मांग रखी।
शेर सिंह यादव किसरांव अरांव ने कोपरेटिव सचिव एवं सचिव ग्राम पंचायत की शिकायत करते हुए कहा कि जेसीबी से तालाब खोदवाए जा रहे हैं। बलराम सिंह विजयपुरा ने कहा पालतू गायों के इंतजाम होना चाहिए। क्लस्टर योजना के तहत फॉगिग मशीनों का वितरण किया गया। संचालन डीडी डीपी सिंह ने किया। कृषि वैज्ञानिक डा. सुभाष शर्मा, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय, एक्सईएन विद्युत आरबी राय के साथ अन्य अधिकारी मौजूद थे।
किसान निकले तो चौराहा हो गया जाम
पालीवाल ऑडिटोरियम में आयोजित किसान गोष्ठी शाम चार बजे समाप्त हुई। किसानों के निकलते ही गांधी पार्क चौराहे पर जाम लग गया। जाम के कारण पुलिस कर्मियों को ही काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
शहरी नागरिकों ने भी देखी कृषि प्रदर्शनी
पालीवाल हॉल के बाहर कृषि विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी को देखने को किसानों के साथ शहरी क्षेत्र के बाशिंदे भी पहुंचे। गांधी पार्क से निकले स्कूली छात्र एवं छात्राओं के साथ शहर के नागरिकों ने स्टाल पर मौजूद ही कर्मचारियों से साग भाजी के साथ अन्य फसलों के बारे में जानकारी की।