- अपर सत्र न्यायालय ने दूसरी बार तलब करने का आदेश किया निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। 50 लाख के चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में सपा के पूर्व विधायक रामवीर सिंह यादव के पुत्र मयंक यादव को एडीजे कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को विधि विरुद्ध मानते हुए उसे निरस्त कर दिया है।
मामला जसराना के सपा के पूर्व विधायक रामवीर सिंह यादव के पुत्र मयंक यादव से संबंधित है। जय गिर्राजजी वर्क्स घाघऊ के प्रोपराइटर सुरेश बाबू ने वर्ष 2019 में मयंक यादव के विरुद्ध 50 लाख के चेक बाउंस का मुकदमा एसीजेएम शिकोहाबाद न्यायालय में दाखिल किया था। मयंक यादव ने सत्र न्यायालय में रिवीजन दाखिल करते हुए तर्क दिया था कि उनका यह चेक चोरी हो गया था और उसका दुरुपयोग हुआ है, जिसकी सूचना उन्होंने थाना शिकोहाबाद में दर्ज कराई थी। वर्ष 2022 में सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद एसीजेएम न्यायालय की संपूर्ण कार्यवाही को ही निरस्त कर दिया था। पहले मुकदमा निरस्त होने के बाद सुरेश बाबू ने वर्ष 2022 में ही मयंक यादव के विरुद्ध नया मुकदमा एसीजेएम शिकोहाबाद न्यायालय में दाखिल कर दिया। न्यायालय ने इस पर फिर से मयंक यादव के विरुद्ध तलबी आदेश पारित किया। इस आदेश के विरुद्ध मयंक यादव ने सत्र न्यायालय में पुनः रिवीजन दाखिल किया। अपर सत्र न्यायालय, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 संदीप सिंह के न्यायालय में हुई। सुनवाई के बाद निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया।