फिरोजाबाद। सीवर चेंबर सफाई के लिए अब शहर के लोगों से मनमानी रकम वसूली पर अंकुश लगाया जाएगा। यही नहीं सरकारी संस्थानों में भी अब जलकल विभाग के कर्मचारियों व संसाधनों से ही सीवर की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। लगातार शिकायतों के बाद शुक्रवार को वाटर वर्क्स पहुंची महापौर ने ये निर्देश दिए। अभी करीब तीन हजार रुपये का खर्च आता है सीवर चेंबर सफाई में। नगर निगम के पास सीवर चेंबर सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन एवं लगभग 35 कर्मचारियों का गैंग है। इसके बाद भी शहर के वाशिंदे भवन स्वामियों से अपने घरों व कॉमर्शियल भवनों में सीवर चेंबर की सफाई करानी पड़ रही थी। प्राइवेट ठेकेदार भवन स्वामियों से मनमाने तरीके से मेहनताना व सीवर सफाई मशीन का किराया वसूल रहे थे। इसकी शिकायत कई बार महापौर कामिनी राठौर तक पहुंची। लगातार शिकायत के बाद शुक्रवार को महापौर वाटर वर्क्स पहुंच गई। सीवर व नाला सफाई यूनिट की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि निगम के पास सीवर चेंबर व भूमिगत नाला-नाली सफाई के लिए पर्याप्त व आधुनिक संसाधन हैं। इसका लाभ आम जन को दिया जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए बाकायदा कार्य योजना बना कर काम किए जाने के निर्देश भी जारी किए।
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-सीवर चेंबर सफाई के लिए निगम द्वारा निर्धारित शुल्क- 1200 रुपये
-प्राइवेट ठेकेदार द्वारा सीवर चेंबर की सफाई के लिए लिए जाने वला मेहनताना 3 हजार रुपये
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भरपूर संसाधन, आम जन को नहीं मिल रहा लाभ
सीवर सफाई गैंग में कर्मचारियों की संख्या-35
सीवर सेक्शन मशीनों की संख्या -06
मलबा निकालने वाली गेटिंग मशीन-03
लंबी दूरी से कूड़ा-कचरा साफ करने वाली सुपर शकर मशीन-01
चेंबर की तलीझाड़ सफाई करने वाली क्लीनर मशीन-01
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निजी व सरकारी भवनों में स्थित सीवर लाइन व चेंबर सफाई कार्य के लिए निगम के पास भरपूर संसाधन हैं। इसकी शुल्क काफी कम है। आम जन को सीवर चेंबर व लाइन सफाई कार्य पूरी जिम्मेदारी व न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कामिनी राठौर, महापौर