फिरोजाबाद। सोशल ऑडिट के दौरान दर्ज हुईं आपत्तियों का निस्तारण नहीं कराने पर पूर्व प्रधान व सेवानिवृत्त पंचायत सचिव के विरुद्ध लगभग तीन लाख रुपये की रिकवरी हुई है। दोनों को 31अगस्त तक उक्त धनराशि ग्राम निधि खाते में जमा कराने के निर्देश जारी हुए हैं।
ग्राम पंचायत नगला बावन में तत्कालीन प्रधान शांति देवी एवं पंचायत सचिव अजयपाल सिंह ने ग्राम विकास कार्य के नाम पर 23 मई 2010 से 25 मई के बीच ग्राम निधि-प्रथम के खाते से 1,28000 रुपये की धनराशि निकाल ली। उक्त धनरशि को ग्राम निधि खाते की कोषवही में अंकित नहीं किया गया। वर्ष 2011-12 में जिला लेखा एवं परीक्षा विभाग ने किए सोशल ऑडिट के दौरान यह मामला पकड़ लिया। पूर्व प्रधान व पंचायत सचिव को सोशल ऑडिट में दर्ज हुई आपत्ति निस्तारण के लिए कई बार मौका दिया गया, लेकिन उन्होंने जानबूझ कर वित्तीय अनियमितताओं से जुडे़ इस प्रकरण का निस्तारण नहीं कराया।
बाद में विधान सभा की पंचायती राज समिति के संज्ञान में आया। जांच के दौरान पूर्व प्रधान शांति देवी व तत्कालीन पंचायत सचिव (अब सेवानिवृत्त) अजय पाल सिंह को 1,28000 रुपये सरकारी धन के दुरुपयोग का जिम्मेदार माना गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान व सेवानिवृत्त पंचायत सचिव के विरुद्ध मूल धन की आधी धनराशि व ब्याज सहित 1,29280-129280 रुपये आगामी 31 अगस्त तक ग्राम निधि-प्रथम के खाते में जमा कराने का नोटिस जारी किया है। अन्यथा की स्थिति में राजस्व वसूली की चेतावनी दी है।