फिरोजाबाद। पूर्ति विभाग के द्वारा पात्र गृहस्थी राशनकार्ड में मनमाने ढंग से यूनिट बढ़ाना विभागीय अधिकारियों को महंगा पड़ गया। खाद्य आयुक्त ने जिला पूर्ति अधिकारी सहित चार पूर्ति निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस आदेश के आने के साथ ही विभागीय अफसरों में खलबली मच गई है। सूत्रों का कहना है कि इनकी कार्यप्रणाली की जांच गोपनीय ढंग से लखनऊ की टीम आकर करेगी।
पूर्ति विभाग के द्वारा मनमाने ढंग से राशनकार्ड में यूनिट को जोड़ दिया था। इनकी प्राथमिक जांच की गई तो विभागीय अफसरों की लापरवाही साफ सामने आई थी। इसका मुख्य कारण किसी एक वर्ग के कार्ड में दूसरे वर्ग के लोगों के नाम एवं आधार कार्ड जोड़ दिए थे। पूर्ति विभाग की इस खामी के उजागर होने के बाद नगर विधायक मनीष असीजा ने भी सवाल उठाया था। उन्होंने इसकी जांच के लिए डीएम चंद्रविजय सिंह को पत्र लिखा था। इसके साथ ही मामला शासन तक पहुंच गया था। शासन ने पूर्ति विभाग में मिली इस खामी को काफी गंभीरता से लिया है। पूर्ति विभाग के सूत्रों की मानें तो इस मामले में खाद्य आयुक्त मनीष चौहान की ओर से जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच कराने के आदेश जारी किए हैं।
इस आदेश की प्रति शासन की ओर से स्थानीय पूर्ति विभाग के कार्यालय को भेज दी है। सूत्रों का कहना है कि इसमें जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार के साथ-साथ पूर्ति निरीक्षक राजवीर सिंह, शिकोहाबाद के सुनील कुमार, सुरेंद्र प्रताप सिंह एवं अरविंद सिंह शामिल हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है जिन अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच होनी है उनकी जांच लखनऊ से गठित टीम के द्वारा गोपनीय ढंग से की जाएगी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अफसरों को दोषी मानते हुए शासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि इस मामले की शासन स्तर से जांच चल रही है।