रपड़ी में यमुना नदी के किनारे खड़े सैलानी और फ्लोट वोटिंग करते लोग। स्रोतः वन विभाग
- फोटो : रपड़ी में यमुना नदी के किनारे खड़े सैलानी और फ्लोट वोटिंग करते लोग। स्रोतः वन विभाग
फिरोजाबाद। यमुना नदी के किनारे नसीरपुर स्थित रपड़ी अब ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होकर पर्यटकों का प्रमुख स्थल बन गया है। कभी डकैतों की शरणस्थली रहा यह क्षेत्र अब प्राकृतिक सौंदर्य और मनोरंजन के लिए जाना जाता है।
सामाजिक वानिकी प्रभाग की परियोजना में बांस-लकड़ी के मचान, गोल हट, फ्लोटिंग जेटी, मोटर बोट, बटरफ्लाई पार्क, गार्डन, पार्किंग और स्वागत कक्ष जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए वॉचमैन केबिन और फेंसिंग भी की गई है।
डीएफओ भानेंद्र सिंह ने बताया कि यमुना घाटों का सौंदर्यीकरण और औषधीय-पौधों का रोपण किया गया है। यह केंद्र आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के पास और शहर से मात्र 38 किमी दूर स्थित है। प्राकृतिक वातावरण और रोजगार के अवसरों के कारण रपड़ी अब जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है।
इस प्रकार पहुंचे
रपड़ी ईको टूरिज्म केंद्र भौगोलिक दृष्टि से बेहद सुलभ स्थान पर स्थित है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के एक्जिट किमी 54 से इसकी दूरी मात्र 4 किमी है। वहीं, आगरा से लगभग 58 किमी और फिरोजाबाद शहर से लगभग 38 किमी की दूरी पर स्थित है।