सुहागनगरी के सीमा विस्तार की कवायद तेज हो गई है। जिला मुख्यालय से राजा का ताल करीब 15 किमी. क्षेत्र में आने वाले नए मौजों के नगर निगम द्वारा तहसील से नक्शे मांगे गए हैं। इसके साथ ही मौजों का कुल गाटा संख्या एवं क्षेत्रफल तलब किया है।
कांचनगरी के नाम से देश-विदेश में प्रसिद्ध शहर की आबादी दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रही है। आबादी बढ़ने के बाद भी वर्षों पुरानी सड़कें, तंग गलियों में आमजन का दम घुट रहा है। शहर में जाम एवं अतिक्रमण से लोग पूरी तरह से जूझ रहे हैं। जनता की जरूरत को देखते हुए नगर निगम द्वारा शहर के सीमा विस्तार को कवायद तेज कर दी गई है। सीमा विस्तार के लिए नगर निगम द्वारा तहसील प्रशासन से प्रस्तावित 21 मौजा का नक्शा, गाटा संख्या एवं क्षेत्रफल मांगा है। इसे उपलब्ध करा दिया है। अब नगर निगम द्वारा सीमा विस्तार के संबंध में आगे कार्रवाई शुरू की जा रही है। नगर निगम सूत्रों का कहना है कि सीमा विस्तार से पूर्व प्रस्तावित सभी मौजों का नगर आयुक्त व अन्य अफसरों द्वारा गहनता से सर्वे किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि उक्त मौजों में क्या सुविधाएं हैं क्या नहीं। नगर निगम सीमा में शामिल करने के बाद जनता को तत्काल रूप से क्या-क्या सुविधाएं मुहैया करानी होंगी।
शामिल होंगे यह मौजा
विजयपुर नगला भाव सिंह, खलील गंज, दौंकेली, रसीदपुर कनैटा, भीकनपुर मेघपुर, रैपुरा, आराजीरूंदों, मुइनुद्दीनपुर, पचवान, दौलतपुर, बैंदी, गढ़ी छत्रपति, लालऊ, मिलिक खान जहांपुर, अलीनगर कैंजरा, जलोपुरा, रूपसपुर, सोफीपुर, बरकतपुर, खेड़ा गणेशपुर व हलपुरा।
जिला जेल, यूपीएसआईडीसी भी शामिल
जिला जेल, यूपीएसआईडीसी व कांशीराम आवास पचवान कालोनी को भी नगर निगम सीमा में शामिल किया जा सकता है। इससे आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
अभी तक दो बार हुआ सीमा विस्तार
नगर पालिका सूत्रों की माने तो अब तक दो बार सीमा विस्तार हो चुका है। पहली बार 1976 में सीमा विस्तार किया गया जिसमें सुखमलपुर निजामाबाद, मुहम्मदपुर गजमलपुर, रसूलपुर, दतौजी व प्रेमपुर रैपुरा का आंशिक क्षेत्र शामिल किया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में सीमा विस्तार किया गया। शहरी से सटी 13 ग्रामसभाओं को नगर पालिका सीमा में शामिल किया गया।