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रामलीला कमेटी में विवाद, आयोजन कराने को मंथन कर रहा प्रशासन

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फिरोजाबाद। श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी को लेकर विवाद के चलते इस बार रामलीला के आयोजन की गेंद प्रशासन के पाले में है। प्रशासन आयोजन कराने के लिए मंथन कर रहा है। कार्यक्रम शुरू होने की तय तिथि दस अक्तूबर करीब आ गई है। परंपरा के अनुसार इसी दिन से भगवान गणेश का डोला निकालने के साथ लीलाओं के मंचन शुरू होता है।
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श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव कमेटी के विवाद के चलते रजिस्ट्रार आगरा की ओर से कमेटी को निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन के पास आदेश आने के साथ नगर मजिस्ट्रेट ने रामलीला प्रांगण स्थित कार्यालय के साथ भवन को सील करने की कार्रवाई गत दिनों की थी।
रामलीला कमेटी से जुड़े कुछ लोगों की ओर से पिछले दिनों कार्यक्रम जारी करने पर नगर मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह का कहना है कि रामलीला का मंचन को लेकर मंथन चल रहा है। डीएम के निर्देशानुसार कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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-प्रशासन ने माना है कि कोई कमेटी नहीं है तो प्रशासन को रामलीला का आयोजन कराना चाहिए। प्रशासन जो कमेटी बनाए उसमें शहर के किसी व्यक्ति को न जोड़े, उससे विवाद की स्थिति बनेगी। मेरी ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई सात या आठ अक्तूबर को होगी। हाईकोर्ट का जो आदेश होगा। उसके अनुरूप कार्रवाई करेंगे।
-आरपी सिंह यादव, पूर्व सचिव, रामलीला कमेटी
-कमेटी का रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद प्रशासन पर रामलीला के आयोजन की जिम्मेदारी है। प्रशासन को चाहिए कि शहर के संभ्रांत नागरिकों की कमेटी बनाकर इसका आयोजन कराए। मेरा सुझाव है कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए रामलीला का आयोजन सीमित ढंग से कराया जाए तो बेहतर रहेगा।
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विजेंद्र पाल सिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी
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