रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर सरकारी बसों में चढ़ते यात्री।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। वीकेंड लॉकडाउन और अनलॉक-3 के बीच राखी के ज्योहार पर घर जाने और भाइयो तक पहुंचने के लिए बहनें घरों से निकलीं तो अलीगढ़ और कानपुर रूट पर आने-जाने के संसाधन कम पड़ गए। रेल यात्रा पर कई पाबंदी होने के कारण इन रूट के यात्रियों के पास रोडवेज बस से ही यात्रा का विकल्प था। अलीगढ़ रूट पर जाने वाले यात्रियों को पहले आगरा जाना पड़ा। आगरा से आगे जाने का साधन मिला। आगरा मथुरा वाले रूट पर बसों की संख्या पर्याप्त थी, जबकि कानपुर-इटावा के यात्रियों को बसों की कमी खली।
एआरएम राघवेंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते यूपी डिपो की बसों का संचालन मथुरा के कोसीकलां और दिल्ली बॉर्डर तक ही किया जा रहा है। इन रूटों पर फिलहाल 20 बसें ही चलाई जा रही हैं। मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर के साथ प्रत्येक रूट पर पांच से छह बसों का संचालन किया जा रहा है।
जैननगर निवासी चंदा का मायका इलाहाबाद है। ट्रेन सेवा बंद होने के कारण वह बस से भाई के साथ सुभाष तिराहे पर पहुंची। चंदा देवी का कहना है कि दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस नहीं मिली। रक्षाबंधन पर घर तो जाना है। किसी न किसी तरह से पहुंचेंगे ही।
- सुहागनगर निवासी सारिका देवी का मायका गुरसायगंज है। मैनपुरी, बेबर होते हुए गुरसायगंज जाने के लिए कोई बस नहीं मिली। मैनपुरी जाने वाली बस में ही बैठ गई। सारिका देवी बताया कि मैनपुरी से किसी न किसी वाहन से निकल जाएंगे और समय से पहुंच भी जाएंगे।
- मोहल्ला तिलक नगर निवासी ऊषा देवी का मायका अलीगढ़ में है। हर बार ट्रेन से ही मायके जाती थी, लेकिन इस बार ट्रेन सेवा चालू न होने पर बस से जाने के लिए निकली। सुबह नौ बजे बस स्टैंड पर पहुंच गई। 11 बजे तक बस का इंतजार करती रहीं।