कानपुर रेलखंड पर रूरा रेलवे स्टेशन पर सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस केे दुर्घटनाग्रस्त होने के 46 घंटे बाद रेलमार्ग सुचारु हो सका। रेल हादसे और कोहरे के चलते रेल संचालन बुरी तरह लड़खड़ा गया है। रेल प्रशासन ने तमाम ट्रेनों को रद्द करते हुए समय से चलाने की कोशिश की। डायवर्ट रूट व कोहरे से काफी विलंब से चल रहीं एक दर्जन ट्रेनों को रेल प्रशासन ने रद्द कर दिया। ट्रेनों की लेट-तलीफी से यात्री हाल-बेहाल रहे।
बुधवार की सुबह सियालदाह-अजमेर रूरा रेलवे स्टेशन के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। रेल लाइन और ओएचई वायर को सही करने में रेल प्रशासन को खासा वक्त लगा। रेलवे ने डाउन लाइन को गुरुवार सायं सुचारू कर लिया था तो वहीं अप लाइन नहर की पुलिया पर टूटे रेल ट्रैक को सुचारु करने में रेल प्रशासन के पसीने छूट गए।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजयकुमार के अनुसार अप लाइन को शुक्रवार अल सुबह 3.20 पर दुरुस्त करते हुए पहली मालगाड़ी गुजारी। इसके बाद सुबह 3.30 बजे पहली एक्सप्रेस ट्रेन हावड़ा-जोधपुर को गुजारा। रेल हादसे व दो दिन से फिर शुरू हुए कोहरे से ट्रेनों का संचालन और भी गड़बड़ा गया। ट्रेनों का आलम यह है कि शाम की ट्रेन सुबह तो सुबह की शाम को पहुंच रहीं हैं। ऐसे में यात्री ट्रेनों के इंतजार में परेशान हैं।
अप लाइन की रद्द ट्रेनें-
संपूर्णक्रांति एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, जोगवनी एक्सप्रेस, नार्थईस्ट एक्सप्रेस, सियालदा-अजमेर एक्सप्रेस, लिक्ष्वी एक्सप्रेस, पटना-कोटा एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस,
डाउन लाइन की रद्द ट्रेनें-
नई-दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस, नईदिल्ली भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, नार्थईस्ट एक्सप्रेस, तूफान एक्सप्रेस, लिक्ष्वी एक्सप्रेस, गरीबरथ एक्सप्रेस, ऊंचाहाचर एक्सप्रेस