सदर बाजार स्थित दुकानों पर रखी भाजपा के कमल निशान की राखी
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फिरोजाबाद। भाई बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन को अब महज 23 दिन शेष हो लेकिन राखियों का बाजार सजने लगा है। इस बार बाजार में चाइनीज राखियों की जगह राजस्थान के जयपुरी राखी ने ले ली है। मोतियों से सजी राजस्थान की जयपुरी राखी बहनों को खूब भा रही है। भारत और चीन के बीच तनाव के मद्देनजर आम लोग चाइनीज उत्पादों से किनारा कर रहे हैं। ऐसे में व्यापारी भी स्वदेशी उत्पादों को ही अपनी दुकानों पर बिक्री के लिए रख रहे हैं।
रक्षाबंधन पर बच्चों को लुभाने वाली चाइनीज राखियां भी इस बार बाजार से नदारद हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अलख में इस बार बाजार में मोतियों से सजी राजस्थानी राखियों की धूम मची है। राजस्थान की जयपुरी राखियों के साथ ही लोगों को कोलकाता और अहमदाबाद की राखियां भी खूब भा रही हैं। इन राखियों के दाम तीस रुपये से लेकर सौ रुपये तक है।
बच्चों के लिए आती थी चाइना से राखी
राखी विक्रेताओं के अनुसार, प्रतिवर्ष बच्चों के लिए चाइना से राखियां आती थी। सबसे अधिक राखी सतरंगी लाइट और घड़ी की आती थी, जो इस बार बाजार से नदारद है। इस बार बच्चों के लिए भी स्वदेशी राखियां बाजार में उपलब्ध हैं, इनके दाम भी अधिक नहीं है।