फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामेश्वरम से रामसेतु शिला लेकर निकले भूपेंद्र चौरसिया ने कठफोरी में ग्रामीणों को कराए दर्शन

विज्ञापन
रामेश्वरम से रामसेतु शिला लेकर निकले भूपेंद्र चौरसिया - फोटो : FIROZABAD
विज्ञापन
कठफोरी (फिरोजाबाद)। रामेश्वरम से रामसेतु शिला को लेकर निकले भूपेंद्र चौरसिया देश के सभी प्रदेशों के प्रत्येक जिले में घूमते हुए इंदौर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में शिला रखेंगे। मंगलवार को वह कठफोरी में रामसेतु शिला लेकर पहुंचे। ग्रामीणों को उन्होंने पानी में तैरती रामशिला की जानकारी दी।
विज्ञापन

रामेश्वरम के रामसेतु से पानी में तैरती रामसेतुशिला को लेकर निकले भूपेंद्र चौरसिया जब कठफोरी गांव में पहुंचे तो शिला को पानी में तैरता देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि रामशिला लेकर वह जनवरी 2015 में रामेश्वरम से लेकर निकले थे। इस रामशिला को लेकर वह बाइक से भारत देश के विभिन्न प्रदेशों के जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण यात्रा 14 वर्ष में पूरी होगी और अंत में इस शिला को मध्य प्रदेश के इंदौर के सुप्रसिद्ध हनुमान मंदिर में बने शिलाकुंड में रखा जाएगा। भूपेंद्र चौरसिया ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में रामायण के प्रति रुचि बढ़ाना है।
जो लोग रामायण को मात्र कल्पना समझते हैं यह बिल्कुल गलत है। इस लिए मैं भगवान राम की सेना लंका पहुंचने के लिए नल नील द्वारा समुद्र पर जिन पत्थरों से पुल बनाया गया था, जो पत्थर आज भी समुद्र में तैरते हैं। उसको मैं साथ लेकर चल रहा हूं। उन्होंने कहा कि लोगों को इस पत्थर के दर्शन कराने के साथ यह संदेश देने की कोशिश कर रहा हूं कि पत्थर पानी पर कैसे तैरते हैं। जैसा कि रामायण में लिखा है। स्थानीय लोगों ने पानी का खाली ड्रम मंगाकर उसमें पानी भरकर उक्त पत्थर को डाला तो वह, वास्तविक तैरते देखा। इसके बाद भूपेंद्र चौरसिया पत्थर को अपने साथ रखकर आगे यात्रा पर निकल गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें