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भरत चरित्र सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

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शिकोहाबाद। रेलवे कॉलोनी स्थित मनोरंजन सदन में शिवा सुंदरकांड सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित सप्तम श्रीराम कथा में मंगलवार को कथा व्यास ने भरत चरित्र की कथा का श्रवण कराया। सत्संग में कथा व्यास ने कहा कि भाई हो तो भरत जैसा।
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जानकी घाट अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास सीता शरण महाराज ने श्रोताओं को भरत चरित्र कथा सुना कर भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि आज के भाई आपस में लड़ रहे हैं। संपत्ति के लिए एक भाई दूसरे पर जानलेवा हमले कर रहा है। लेकिन भगवान राम ने छोटे भाई भरत के लिए राज त्यागा और वन गमन किया। उन्होंने कहा कि भाइयों को संपत्ति और धन से ज्यादा भाई को प्रेम करना चाहिए। अगर भाइयों में प्रेम होगा तो परिवार तरक्की के रास्ते पर चलता रहेगा। वहीं भरत ने बड़े भाई द्वारा राज्य दिए जाने के बाद भी उनकी पादुकाओं को सिंहासन पर रख कर कठिन तप किया था। जबकि आज के भाई राज्य पाने के बाद भाई को ही भूल जाएंगे। कथा व्यास ने कहा कि भरत ने अयोध्या का राजा भगवान श्रीराम को माना व स्वयं को उनका दास बताया। कथा व्यास ने लोगों से आपस में प्रेम भाव से रहने की सीख दी।
इस अवसर पर पुष्पांजलि शुक्ला, स्टेशन अधीक्षक रमेश लाल मीणा, आरपीएफ कंपनी कमांडर विनोद कुमार, कंचन सिंह, अमरजीत यादव, उदय वीर सिंह, नीरज राजपूत, नाहर सिंह भदौरिया, प्रमोद कुमार आर्य, देवेंद्र शर्मा, राकेश जैन, डॉ. राकेश कुमार कुलश्रेष्ठ, डॉ. अवध नरेश कुलश्रेष्ठ, डॉ. पीएस राना, राजेश गुप्ता, दीपक होरी, ग्रीस यादव, रामवीर शर्मा, अंशुल यादव और राजवीर सविता मौजूद रहे।
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