बहाली की मांग को लेकर हंगामा करते पंप चालक।
हाईकोर्ट से लंबी लड़ाई जीतकर आए पंप चालकों ने शनिवार को नगर निगम पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान निगम के खिलाफ नारेबाजी की गई। पंप चालकों ने कार्य पर वापस लेने के साथ ही 40 प्रतिशत बकाया वेतन देने की मांग उठाई।
पालिका बोर्ड में शासन से ग्रांट कटौती होने के बाद कार्य से हटाए पंप चालकों ने नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में लंबी लड़ाई। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करने के बाद निगम की रिट खारिज करते हुए पंप चालकों के हक में फैसला सुनाया है। इसमें पंप चालकों को कार्य पर वापस लेने, शेष 40 प्रतिशत भुगतान करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश को लेकर शनिवार को पंप चालक नगर निगम पहुंचे। अपर आयुक्त प्रमोद कुमार से मिलकर हाईकोर्ट के आदेश की कापी रिसीव कराने, कार्य वापस लेने और बकाया भुगतान देने मांग की। इस पर अपर आयुक्त ने कहा कि हाईकोर्ट के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। अभी किसी कर्मचारी को काम पर वापस नहीं लिया जाएगा। आपकी कापियां रिसीव कर ली गई हैं। मुहर लगवाकर कल दिलाई जाएंगी। इस पर पंपचालकों ने हंगामा कर दिया। कक्ष से बाहर आकर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान विशाल दीक्षित, पं. विष्णुकांत पचौरी, विकेंद्र पाल सिंह, विमल शर्मा, पीयूष शर्मा, तरुण शर्मा, दिनेश यादव, महावीर सिंह, शशिकांत शर्मा, मनोज कुलश्रेष्ठ, सत्यप्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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पंप चालकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की केविएट
हाईकोर्ट से लड़ाई हराने के बाद नगर निगम द्वारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम के रुख को देखते हुए पंप चालकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल की है। इसमें उन्होंने कहा कि नगर निगम का पक्ष सुनने से पहले हमारा भी पक्ष सुना जाए।