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अन्नदाता का दर्द, प्रशासन बना बेदर्द

Sat, 02 May 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फीरोजाबाद
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भले ही किसान का खराब गेहूं खरीदने का दावा कर रहे हों, लेकिन खरीद केंद्रों का हाल तो अलग नजर आता है। ‘अमर उजाला’ की टीमों ने खरीद केंद्रों का हाल जाना तो आढ़तियों के यहां भीड़ थी वहीं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा। इसका मुख्य कारण गुणवत्ता थी। काला गेहूं, मिट्टी आने वाला गेहूं लाने वाले किसानों को लौटाया जा रहा था..कुछ केंद्रों की पड़ताल करते हुए रिपोर्ट......

समय-12.30 बजे  स्थान-कोटला रोड मंडी समिति प्रांगण फीरोजाबाद फोटो नं. 9
केंद्र प्रभारी कायम सिंह मौजूद थे। 240.50 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका। वैसे तो आलू व्यापारी की मौत के कारण यहां आढ़तियों की दुकानें बंद थी। लेकिन जो खुलीं थी वहां जौ के तौं गेहूं उतर रहा था। केंद्र प्रभारी ने कहा कि गेहूं की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इसके कारण काफी कम खरीद होती है। एसडीएम, तहसीलदार आए थे एक ट्राली खड़ी कराई लेकिन ठेकेदार ने गेहूं उतारने को स्टाफ ही नहीं दिया। किसान घर लौटा ले गया।
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समय-1.30 बजे  स्थान-टूंडला मंडी प्रांगण फोटो नं. 8
खाद्य विभाग खरीद केंद्र पर सन्नाटा पसरा था। आढ़तियों के यहां भीड़ थी। केंद्र प्रभारी लखी सक्सेना ने कहा कि किसान नकद मांग रहे हैं वहीं जोत वही नहीं लाते, क्वालिटी घटिया होने के कारण नहीं ले सकते हैं। 104.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।

समय-2.30 बजे  स्थान- सिरसागंज मंडी प्रांगण
खाद्य विभाग के खरीद केंद्र पर एक किसान गेहूं की बिक्री करने पहुंचा था। यहां 61.50 क्विंटल ही गेहूं खरीदा गया। प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि क्वालिटी खराब आने के कारण एवं जोत बही एवं  बैंक की पासबुक नहीं लाते हैं। इसके कारण भी दिक्कत है।

हाथवंत केंद्र पर भी सन्नाटा
एफसीआई के हाथवंत खरीद केंद्र पर खरीद काफी कम हो सकी। यहां पर किसान गेहूं काला पड़ने के कारण लेते ही नहीं। इसके कारण किसान दोहरी मेहनत करने से बच रहा है। उसे नकद धनराशि की जरूरत है।


किसानों को लौटाया तो होगी सख्त कार्रवाई : मादड़
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। एसडीएम सदर रवींद्र मादड़ एवं तहसीलदार जीत सिंह राय ने फीरोजाबाद मंडी प्रांगण स्थित खरीद केंद्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि किसानों से 1450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जाए। भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करेंद्घ किसान को दिक्कत हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वह आढ़ती के यहां बिक्री करने के उद्देश्य से खड़ी ट्राली को खरीद केंद्र पर लेकर पहुंचे लेकिन गेहूं उतारने का स्टाफ नहीं आने के कारण गेहूं की तौलाई नहीं हो सकी।


गुणवत्ता  खराब बताकर लौटाते हैं
गेहूं की सही दरें मंडी में नहीं मिल रहीं है। खरीद केंद्रों पर तो गुणवत्ता खराब बता दी जाती है। इसके कारण कम कीमत पर गेहूं की बिक्री करने को विवश हैं।
अवनीश कुमार सुनाव फरिहा

बारिश एवं ओलावृष्टि की मार से गेहूं पतला एवं काला हो गया है। खरीद केद्रों पर गुणवत्ता की कसौटी पर हमें कसा जाता है। गृहमंत्री खराब गेहूं खरीदने की बात कहते हैं लेकिन खरीद नहीं होती।
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शैलेंद्र गुप्ता खैरगढ़।

जिले में 811.35 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। शासन से फिलहाल में मानकों में कोई अलग से छूट का आदेश नहीं मिला है। शासन से तय मानक के अनुरूप गेहूं खरीदा जा रहा है। गुणवत्ता खरी नहीं होने पर ही किसान का गेहूूं नहीं ले रहे हैं। कई स्थानों पर नकद भुगतान के कारण किसान खरीद केंद्र पर गेहूं नहीं बिक्री करता है।
राघवेंद्र सिंह डिप्टी आरएमओ फीरोजाबाद।
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