अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस भी चुपके से गुजर गया। मजदूरों के हितों और
अरमानों का गला फिर घोंटा गया। महज मंचों से उत्थान का बखान किया गया लेकिन
धरातल पर कवायद नजर नहीं आई। कारखानों में आग उगलती भट्ठियों के सामने,
खुले आसमान के नीचे, ऊंची इमारतों को सजाने में लगे मजदूरों को पता ही नहीं
चला कि आज उनके लिए विशेष दिन हैं। मई दिवस पर श्रमिक संगठन, सामाजिक
संगठन, शिक्षण संस्थानों द्वारा जगह-जगह कार्यक्रम कर श्रमिकों के हक की
आवाज अवश्य उठाई गई, लेकिन यह आवाज इतनी बुलंद नहीं थी कि श्रमिकों को उनके
हक दिला सके। हर आम दिन की तरह शुक्रवार को भी श्रमिक सुबह से शाम तक
कार्य में जुटे रहे। श्रमिकों का कहना है कि शासन-प्रशासन और श्रमिक संगठन
भले ही उन्हें न्याय दिलाने की बात करते हों, लेकिन सेवायोजकों की
हठधर्मिता के आगे सभी विवश नजर आते हैं। आखिर इन हालात में श्रमिकों को
कैसे न्याय मिलेगा?
श्रमिक सीधे करें संपर्क, टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
अंतर्राष्ट्रीय
मजदूर दिवस पर एडवांस ग्लास वर्क्स में मजदूरों के लिए विधिक साक्षरता
शिविर का आयोजन जिला जज सुरेश सिंह यादव की अध्यक्षता में किया गया।
उन्होंने कहा यदि श्रमिकों को विधिक सेवा संबंधी कोई जरूरत हो तो कार्यालय
से संपर्क कर समस्या का निदान करा सकते हैं। वहीं श्रमिक टोल फ्री नं.
1800-419-0234 पर भी परामर्श ले सकते हैं। सिविल जज चंद्रभान सिंह ने कहा
कि गरीब, असहाय व मजदूरों को प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क विधिक सहायता
प्रदान की जाती है। उन्हें नि:शुल्क अधिवक्ता कोर्ट फीस, टाइप शुल्क प्रदान
किया जाता है। इस मौके पर श्रमिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान
उद्योगपति बालकृष्ण गुप्त, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद थे।
श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र में हालत दयनीय
श्रमिक
दिवस पर जनशिक्षण संस्थान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। शुभारंभ जिला
पंचायत अध्यक्ष रमेशचंद्र चंचल ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान कम
पढ़ी-लिखी महिलाओं, पुरुषों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भय बनाकर
सराहनीय कार्य किया जा रहा है। डा. ब्रजमोहन शर्मा ने कहा कि श्रमिक
बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद यहां श्रमिकों की हालत दयनीय है। आराधना
सिंह, शिवानी सक्सेना, प्रवेंद्र सिंह, रुचि गुप्ता, ज्योति गुप्ता,
गीतादेवी, काजल, रेनू, अर्चना मौजूद थे।
श्रमिकों के लिए पेंशन, शिक्षा व स्वास्थ्य की व्यवस्था जरूरी
अरीना
मल्टीमीडिया में मई दिवस पर बैठक आहूत की गई। प्रेमशंकर आर्य ने कहा कि
महंगाई के दौर में बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है। हजारों श्रमिक बिना
कार्य के ही घर लौट जाते हैं। शिक्षित व तकनीकी मजदूर भी खाली बैठा है।
मजदूरों के लिए आजीवन पेंशन, मकान, शिक्षा व स्वास्थ्य की व्यवस्था होनी
चाहिए। मजदूरों का हित तभी संभव है, तब शासन-प्रशासन में भागीदारी बढ़े।
बैठक में मयूरी गुप्ता, विवेक कुमार, हरिओम दक्ष, कुलदीप सिंह मौजूद थे।