धरना दे रहे अधिवक्ताओं ने ठुकराया एसडीएम का वार्ता प्रस्ताव
समस्याओं को लेकर 12 दिनों से अधिवक्ता तहसील में दे रहे हैं धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
जसराना। तहसील में व्याप्त समस्याओं को लेकर अधिवक्ता मुखर हो गए हैं। पिछले 12 दिनों से तहसील में धरना चल रहा है। बृहस्पतिवार को एसडीएम द्वारा भेजे गए वार्ता प्रस्ताव को अधिवक्ताओं ने ठुकरा दिया। इस दौरान कहा कि वार्ता डीएम या फिर एडीएम की मौजूदगी में होगी।
तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अन्य समस्याओं को लेकर अधिवक्ता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। 12 वें दिन जारी धरना प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने कहा तहसील में कोई अधिकारी एवं कर्मचारी आने वाले फरियादियों की शिकायत सुनने को तैयार नहीं है। कहा कि शांतिभंग में आने वाले आरोपियों को भी तहसील में बुलाने के बजाय थाना जसराना परिसर में बुलाया जा रहा है। और वहीं से मामलों को निपटाया जा रहा है जोकि गलत हैं। पूर्व में अधिवक्ताओं द्वारा जमानती कार्रवाई की प्रक्रिया को पूरा किया जाता था। एसडीएम द्वारा भेजे गए वार्ता प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा वर्तमान एसडीएम से वार्ता संभव नहीं है। कहा कि उनको पूर्व में भी कई बार शिकायतों एवं समस्याओं के बारे में बताया गया लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं हुए। अब जब धरना चल रहा है तो वार्ता का प्रस्ताव 11 दिन बाद भेजा है। अधिवक्ताओं ने कहा डीएम और एडीएम की मौजूदगी में वार्ता कर अपने पक्ष को रखा जाएगा। जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा उनका धरना जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन में बलवीर सिंह, औंकार सिंह यादव, संजय यादव, पुष्पेंद्र यादव, सचिन कुमार, सौरभ सक्सैना, शेर सिंह, हरेंद्र बघेल, राघवेंद्र चौहान, रवीप्रकाश, विमल कुमार, रमेश चंद्र यादव मौजूद रहे।