दुर्गा नगर निवासी प्रिंस कुमार का खाता सदर बाजार स्थित केनरा बैंक में है। शुक्रवार को बैंक पहुंचे प्रिंस ने अपने खाता चेक किया तो 15 हजार रुपये कम थे। किसी ने उसका एकाउंट हैक कर खाते से 15,550 रुपये निकाल लिए। हैकर ने प्रिंस के पैसे से पिज्जा, बर्गर ही नहीं खाया, मूवी भी देखी और ई-पेमेंट उसके खाते से किया। बैंक प्रबंधक ने खाताधारक प्रिंस को हैकर के खिलाफ एफआईआर करने का सुझाव दिया है।
प्रिंस अकेले व्यक्ति नहीं है जिसके खाते को हैक कर किया गया है। नोटबंदी के बाद ई-बैंकिंग, ई-वालेट और प्लास्टिक मनी से भुगतान का प्रचलन बढ़ा है तो ठगी के मामले भी बढ़े हैं। कई एप्स डिजिटल भुगतान करने के लिए विज्ञापन देने लगे हैं। बिना जागरूकता के इनका प्रयोग करना अपनी जमा पूंजी को गंवाने का जोखिम उठाना है।
नेट बैंकिंग में रखे इन बातों का ख्याल
- पासवर्ड में अक्षर और गिनती के अलावा प्रतीकाक्षर(हेश, स्टार, प्रतिशत, प्रश्नचिह्न) का इस्तेमाल जरूर करें।
- खाते में बदलाव की कोई सूचना आते ही तुरंत बैंक से संपर्क करें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल फोन बंद होने पर तुरंत फोन कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें।
पासवर्ड के लिए ये बरतें सावधानी
- पासवर्ड कम से कम आठ से दस अक्षर का हो।
- हर थोडे़ दिन बाद पासवर्ड को बदलते रहे।
- बैंकिंग एक्टिविटी ओपन वाईफाई पर न करें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
- कंपनी कभी भी फोन करके पासवर्ड और अकाउंट नंबर नहीं पूछती है। ऐसे में फोन आने पर कुछ पासवर्ड न बताएं। वहीं, किसी अपरिचित को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल न कराएं। वहीं, अपना खाते पर मोबाइल अलर्ट जरूरत लगवाएं। बैलेंस कटे तुरंत जानकारी हो सके।
बलराज चड्डा, प्रबंधक
केनरा बैंक, सदर बाजार
- मोबाइल पर तरह-तरह के मैसेज आ रहे है कि भुगतान करने के लिए इन एप्स का इस्तेमाल करें। सबसे ज्यादा लोग इसी से सावधान रहें। लोग जानकारी के अभाव में इन एप्स को डाउनलोड करते हैं। खाता संख्या और पासवर्ड डालते ही आपका एकाउंट हैक हो सकता है, इसलिए कहीं भी पर्सनल जानकारी भरने से पहले भली भांति जानकारी कर लें।
प्रवीन अग्रवाल, साइबर एक्सपर्ट