शिकोहाबाद। बजरंग सेवा समिति के अध्यक्ष ने समिति के कोषाध्यक्ष पर मंदिर के नाम पर ली गई चंदे की धनराशि को निजी खर्च में लेने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं कोषाध्यक्ष ने कूटनीतिक षडयंत्र के तहत एक अन्य बैंक में खाता खुलवाया है। इस मामले का मुकदमा समिति अध्यक्ष ने तीन लोगों के खिलाफ दर्ज कराया है।
श्री श्री 1008 बजरंग सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जादौन ने मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें उन्होंने बताया कि 200 वर्ष पुराने भगवान शिव और बजरंगबली मंदिर की सम्पत्ति भगवानदास एवं श्रीनारायण निवासीगण बाजार कलां के नाम पर दर्ज है। विवाद के चलते कोर्ट के आदेश पर नवीन ट्रस्ट गठित किया गया था। जिसमें मुझे अध्यक्ष, अवनीश गुप्ता को कोषाध्यक्ष समेत अन्य 16 सदस्यों को समिति में शामिल किया गया था। अध्यक्ष का कोषाध्यक्ष पर आरोप है कि कोषाध्यक्ष अवनीश गुप्ता ने कूटनीतिक षड़यंत्र के तहत फर्जी कागजातों के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक में खाता संख्या 157601000626 खुलवा लिया।
साथ ही मंदिर के चंदे के नाम पर ली गई धनराशि को खाते में जमा करके निजी खर्च में प्रयोग किया जाने लगा। पीड़ित का आरोप है कि न्यायालय ने हालांकि इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश किए हैं। बावजूद कोर्ट के आदेशों की अवमानना करते हुए अवनीश गुप्ता, योगेश गुप्ता एवं उनके परिजन तथा अन्य व्यक्तियों के सहयोग से विवादित भूमि पर मूर्ति स्थापना किए जाने का आमंत्रण भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। जिसका जब मैंने विरोध किया, तो उक्त लोगों ने मुझे भी जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित ने उक्त लोगों के खिलाफ समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
हमारे खिलाफ साजिश है
शिकोहाबाद। योगेश गुप्ता का कहना है कि बजरंग सेवा समिति से हमारा कोई सरोकार नहीं है और न ही हम समिति के पदाधिकारी। हमारे खिलाफ एक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।