फिरोजाबाद। एचआईवी मरीजों की संख्या में कमी लाने के लिए गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी। शासन से निर्देशित किया गया है कि दो वर्ष में 40 से ज्यादा प्रतिशत एचआईवी संक्रमित महिलाएं मिली हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर से डब्लूबीएफपीटी यानी होल ब्लड फिंगर प्रिक टेस्ट किट क्रय करने के निर्देश दिए हैं।
एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं से बच्चों में एचआईवी का संक्रमण न फैले, इसके लिए शासन ने विभाग को एचआईवी व सिफलिस की जांच अनिवार्य रूप से किए जाने के आदेश दिए हुए हैं। शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को पहले से किट भेजी जा रही है।
एआरटी सेंटर की काउंसलर रेनू तिवारी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष उचित जांच व उपचार के अभाव में संक्रमित गर्भवती महिला से जन्मे औसतन दो से तीन प्रतिशत शिशु एचआईवी संक्रमित हो जाते हैं। ऐसे में निर्देशित किया गया है कि लक्ष्य के की प्राप्ति के लिए यूनिवर्सल स्क्रीनिंग के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान कम से कम एक बार एचआईवी की जांच किया जाना आवश्यक है।