फिरोजाबाद। मुख्य डाकघर मेंं रिश्वत लेते सीबीआई टीम ने रंगे हाथ पकड़े डाक सहायक वीके सिंह को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीबीआई टीम बृहस्पतिवार रात 12:30 बजे अपने साथ गाजियाबाद ले गई। टीम ने डाक सहायक के खिलाफ अभियोग गाजियाबाद में दर्ज कराया है। नारखी क्षेत्र के जाटऊ निवासी विवेक प्रताप सिंह रानू ने पिता की मौत के बाद डाकघर में जमा धनराशि को निकालने के एवज में डाक सहायक वीके सिंह के द्वारा 10 हजार की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सीबीआई से की थी। इस शिकायत पर सीबीआई की गाजियाबाद टीम के इंस्पेक्टर नितिन कुमार के निर्देशन में आई थी। टीम ने गोपनीय ढंग से डाक सहायक वीके सिंह को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया था। टीम ने कई घंटे तक उससे बंद कमरे में पूछताछ करने के साथ ही उसके शिकोहाबाद स्थित गांव में भी दस्तक दी थी।
डाक विभाग के अफसरों के अनुसार टीम रात 12:30 बजे के करीब डाक सहायक को अपने साथ सीधे गाजियाबाद ले गई। टीम मुख्य डाकघर से कुछ अभिलेख साथ लेकर गई है। इसकी रिसीविंग भी डाक विभाग के अफसरों को दी है। इसके कारण डाक विभाग में तैनात पोस्ट मास्टर विवेक प्रताप सिंह, सहायक डाक अधीक्षक अजय दुबे के साथ स्टाफ देर रात तक कार्यालय में मौजूद रहे थे। डाक विभाग में फिरोजाबाद, मैनपुरी संभाग के अधीक्षक आरए शर्मा ने बताया कि सीबीआई गाजियाबाद की टीम के द्वारा रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े गए डाक सहायक वीके सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई की टीम बृहस्पतिवार रात 12:30 बजे वीके सिंह को अपने साथ ले गई है। इसकी सूचना उनके परिजन को दे दी गई थी। टीम अपने साथ कुछ अभिलेख ले गई है।