फिरोजाबाद। जिले में वायु प्रदूषण हर दिन बढ़ रहा है। आसमान में दिन भर स्मॉग (धुंध) छाया रहा। पूरे दिन सूरज भी साफ नजर नहीं आया। शाम को एयर क्वालिटी इंडेक्स एक्यूआई 280 पर पहुंच गया। प्रशासन एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई प्रयास नहीं दिख रहे हैं। श्वांस संबंधित मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कालेज एवं निजी अस्पतालों में मरीजों की कतार लगी हुई है।
मेडिकल कालेज अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 950 से ज्यादा पर्चे कटे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज श्वांस एवं दमा और त्वचा संबंधी रोग के थे। वार्ड भी फुल रहा। चर्म रोग विभाग के बाहर लंबी कतार देखने को मिली। प्राइवेट चिकित्सकों पर भी लंबी कतारें लगी हुई हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका अग्रवाल ने बताया कि दूषित हवा से आंखों में जलन की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि बाहर से घर आने पर आंखों को साफ पानी से धोएं। अगर बाइक से बाहर जा रहे हैं तो हेलमेट का इस्तेमाल जरूरत करें। क्योंकि इससे शरीर के साथ आंखों का बचाव रहता है।
मरीजों को बताया जा रहा है कि प्रदूषण का असर गर्भ में पल रहे बच्चे और गर्भवती पर भी पड़ता है। ओम हास्पिटल की डॉ. पूनम अग्रवाल का कहना है कि इस प्रदूषण में जल्द सुबह न निकला जाए। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से गर्भ में पल रहे बच्चे की ग्रोथ पर असर पड़ता है।
चर्म रोग विभाग में प्रतिदिन 400 मरीज आ रहे
जिला अस्पताल चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरए सुधाकर का कहना है कि प्रदूषण से स्किन एलर्जी ज्यादा हो रही है। पहले 200 से 250 मरीज ओपीडी में आते थे। मगर अब 400 तक मरीज आ रहे हैं। चेहरे पर दाने निकल रहे हैं। चर्म पर एलर्जी हो रही है। बाल झड़ने की समस्या आ रही है। इसमें पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए।
मरीजों की बात
- मेडिकल कालेज के मेडिसन वार्ड में भर्ती हाजीपुरा निवासी बल्लउद्दीन ने बताया कि पहले श्वांस की समस्या है। मगर दीपावली के बाद से दम घुट रहा है। अस्पताल में तीन दिन से भर्ती हूं। मगर आराम नहीं मिल रहा है।
- मेडिकल कालेज के मेडिसन वार्ड में भर्ती संतनगर निवासी बड्डन ने बताया कि सांस उखड़ रही है। घबराहट महसूस हो रही है। दवा और इंजेक्शन लिए, मगर कुछ देर बार फिर वही स्थिति हो जाती है। ऐसी परेशानी पहली बार हो रही है।