फिरोजाबाद। मौसम में ठंडक और बढ़ता प्रदूषण लोगों की सेहत का दुश्मन बन गया है। बच्चे एलर्जिक ब्रोंकाइटिस की चपेट में आ रहे हैं और हांफ रहे हैं। इधर, बुजुर्ग सांस और दमा के मरीज मुश्किल में आ गए हैं। टीबी से उबरे मरीजों को छाती में जकड़न की समस्या अधिक है। तीन दिनों से मेडिकल कॉलेज के टीबी और बालरोग वार्ड फुल चल रहे हैं। इधर, प्राइवेट क्लीनिकों पर भी मरीजों की भीड़ है।दीपोत्सव के बाद एक्यूआई खतरनाक स्तर पर है। वहीं, तापमान भी 33 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री पर पहुंच गया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट क्लीनिकों पर अचानक से मरीजों की भीड़ लग गई है। इनमें हार्ट और बीपी के मरीजों संख्या बढ़ गई है। बच्चों को ब्रोंकाइटिस की समस्या बढ़ रही है। इससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि इस मौसम में बच्चे एलर्जिक ब्रोंकाइटिस के शिकार हो रहे हैं। इसकी शुरुआत नाक में इंफेक्शन से होती है। बच्चों में जुकाम के साथ बुखार की शिकायत होती है। संक्रामक बढ़ने पर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और उनकी पसलियां चलने लगती है। बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं, जो मासूमों की सेहत के लिए खतरनाक है।
फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मौसम बदल रहा है, लेकिन दमा रोगी अभी भी अपना पुराना रुटीन अपना रहे हैं। सांस और दमा के मरीज बदलते मौसम में ढल नहीं पा रहे हैं। यही उनकी परेशानी का कारण बन रहा है। ऐसे मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। ओपीडी में इस तरह के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि इस मौसम में रक्तचाप का उतार चढ़ाव मरीजों को परेशान कर रहा है। हाई रक्तचाप होने के कारण शरीर में झुंझलाहट, घबराहट जैसे लक्षण बन रहे हैं। वहीं, रक्तचाप गिरने से नींद, सिर में दर्द, उल्टियां लगने जैसे समस्या आ रही है।
हार्ट अटैक के मामले बढ़े
हार्ट अटैक के मामले भी हाल में बढ़ गए हैं। जगदंबा नगर निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति को नगला बरी पर रात्रि 12 बजे अचानक बाइक चलाते समय हार्ट अटैक आ गया। इससे मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह दुर्गा नगर निवासी 38 वर्षीय युवक को हार्टअटैक आया। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक के मुताबिक, सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
ये है ब्रोंकाइटिस के लक्षण
-खांसी आना, पसली चलना
-सांस लेने में दिक्कत, बुखार आना
-सांस की नली में सूजन
इस तरह करें बचाव
-बच्चों को बाहर न ले जाएं
-मां का दूध पिलाएं
-बच्चों को सर्द-गर्म से बचाएं
-सेहत का खास ख्याल रखें