गांव पिपरौली में पिछले चार माह से फुंके ट्रांसफार्मर के बदले न
जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पोलियो रोधी खुराक पिलाने गई टीम को बंधक
बना लिया। इसके साथ ही विद्युत विभाग के विरुद्ध जमकर हंगामा किया। दोपहर
बाद पहुंचे तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं
माने। उन्होंने जिलाधिकारी व एक्सईएन विद्युत से बात करते हुए पांच दिन
में ट्रांसफार्मर लगवाने का आश्वासन दिया तब कहीं ग्रामीणों ने टीम को
मुक्त करते हुए बच्चोें को दवा पिलवाई।
रविवार को पल्स पोलियो दिवस के
दौरान सीएचसी कोटला की टीम थाना नारखी के गांव पिपरौली प्राथमिक विद्यालय
पर बच्चों को दवा पिलाने पहुंची थी। तभी ग्रामीणों ने टीम का बहिष्कार कर
उन्हें विद्यालय में ही बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में
चार माह से विद्युत ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। उन्होंने विद्युत विभाग से
कई बार शिकायत की, लेकिन विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। तहसील दिवसों में
सुनवाई नहीं हुई। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्हें अपने मोबाइल
तक दूसरे गांवों में जाकर चार्ज करने पड़ रहे हैं।
सायं चार बजे करीब
तहसीलदार रामअवतार गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया
लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद तहसीलदार ने जिलाधिकारी विजय किरन आनंद व
विद्युत एक्सईएन आरवी राय से बात की और ग्रामीणों को पांच दिन के अंदर नया
ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और बच्चों
को पोलिया ड्राप पिलवाई। बिट्टू चौहान, विवेक चौहान, पुष्पेंद्र सिंह,
ब्रजमोहन सिंह, महेशचंद्र, संदीप कुमार, प्रेमचंद्र, प्रदीप कुमार, पप्पू
चौहान, शैलेंद्र सिंह चौहान आदि थे।